खामेनेई की अंतिम यात्रा शियाओं के धार्मिक शहर कोम पहुंची:जमकरान मस्जिद में जनाजे की नमाज हुई; लगातार दूसरे दिन लाखों लोग सड़कों पर मौजूद

ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei (अयातुल्ला अली खामेनेई) की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रमों ने पश्चिम एशिया की राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान ईरान में अंतिम यात्रा, धार्मिक रस्मों और राजनीतिक बयानों को लेकर कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं। इस दौरान तेहरान से लेकर कोम और इराक के नजफ तक बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखने को मिली, जबकि इजराइल और ईरान के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई।

तेहरान में अंतिम यात्रा में उमड़ी भारी भीड़:

राजधानी Tehran (तेहरान) में निकली अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। भीड़ इतनी अधिक थी कि ताबूत लेकर चल रहा वाहन कई स्थानों पर धीमी गति से आगे बढ़ा। Azadi Street (आजादी स्ट्रीट) पर कुछ समय के लिए वाहन को रुकना भी पड़ा। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली और पूरे मार्ग पर लोगों की भीड़ जुटी रही।

कोम ले जाया गया पार्थिव शरीर:

तेहरान में अंतिम यात्रा पूरी होने के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को धार्मिक रस्मों के लिए Qom (कोम) ले जाया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम संस्कार से पहले धार्मिक परंपराओं का पालन किया जा रहा है। इसके बाद गुरुवार को उनके गृह नगर Mashhad (मशहद) में दफन किए जाने की जानकारी सामने आई है।

समर्थकों ने बदले की मांग दोहराई:

अंतिम यात्रा के दौरान कई समर्थक लाल झंडे लेकर पहुंचे। इस दौरान “या लथारत अल-खामेनेई” के नारे भी लगाए गए। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने की मांग दोहराई। इस घटनाक्रम के बाद ईरान के भीतर माहौल काफी भावनात्मक और राजनीतिक रूप से सक्रिय दिखाई दिया।

ईरानी नेतृत्व ने दिए कड़े संदेश:

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian (मसूद पजशकियान) ने अंतिम यात्रा को खामेनेई के बताए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प बताया। वहीं सेना प्रमुख Amir Hatami (अमीर हातमी) ने कहा कि हत्या के जिम्मेदार लोगों का पीछा नहीं छोड़ा जाएगा। दोनों नेताओं के बयानों को लेकर क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

इजराइल और ईरान के बीच बयानबाजी जारी:

इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu (बेंजामिन नेतन्याहू) ने कहा कि अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ पूरे ईरान की आवाज नहीं है। दूसरी ओर इराक के प्रमुख शिया नेता Ammar al-Hakim (अम्मार अल-हकीम) ने लोगों से बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल होने की अपील की। दोनों पक्षों के इन बयानों के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।

नजफ में अंतिम संस्कार की तैयारियां तेज:

खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले Najaf (नजफ) में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शहर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। नजफ शिया मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों के मद्देनजर यहां भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जारी:

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बावजूद Hormuz Strait (होर्मुज स्ट्रेट) में समुद्री यातायात सामान्य बना हुआ है। शिप ट्रैकिंग कंपनी Kpler (केपलर) के अनुसार 3 जुलाई से 5 जुलाई के बीच इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से कुल 108 जहाज गुजरे।

कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक 3 जुलाई को सबसे अधिक 43 जहाज, 4 जुलाई को 34 और 5 जुलाई को 31 जहाजों ने इस मार्ग का उपयोग किया। अधिकांश जहाजों ने ईरान और ओमान के समुद्री रास्तों से अपनी यात्रा पूरी की। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर व्यावसायिक गतिविधियां फिलहाल जारी हैं।

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