लखनऊ के KGMU में सभी मजारों को हटाने का नोटिस चस्पा

रिपोर्टर: अनुज कुमार

लखनऊ (Lucknow) स्थित KGMU (King George’s Medical University) परिसर में बनी मजारों को हटाने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परिसर में नोटिस चस्पा कर दिया गया है, जिसमें मजारों को अवैध निर्माण बताते हुए उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर मजार नहीं हटाई गई तो प्रशासन पुलिस बल की मदद से कार्रवाई करेगा। इस कदम के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हलचल देखी जा रही है।

Two official documents posted on a green wall, featuring text in Hindi and details related to a university, with a patterned cloth hanging nearby.

नोटिस के जरिए 15 दिन की मोहलत:
KGMU (King George’s Medical University) प्रशासन ने मजारों को हटाने के लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि यह निर्माण विश्वविद्यालय के नियमों और प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसलिए संबंधित जिम्मेदारों को तय समय के भीतर स्वयं मजार हटाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

अवैध निर्माण मानते हुए कार्रवाई के आदेश:
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में मजारों को अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा गया है। KGMU प्रशासन का कहना है कि परिसर में किसी भी प्रकार का निर्माण बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता। विश्वविद्यालय की भूमि शैक्षणिक, चिकित्सीय और सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित है, ऐसे में किसी भी तरह का अनधिकृत निर्माण नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। इसी आधार पर मजारों को हटाने का आदेश दिया गया है।

समय सीमा के बाद पुलिस बल से होगी कार्रवाई:
नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिन की समयसीमा में मजार नहीं हटाई गई, तो प्रशासन पुलिस बल की सहायता से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी दायरे में और नियमानुसार की जाएगी।

ध्वस्तीकरण का खर्च जिम्मेदारों से वसूली का निर्देश:
KGMU (King George’s Medical University) प्रशासन ने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में मजार नहीं हटाई गई और प्रशासन को स्वयं ध्वस्तीकरण करना पड़ा, तो उस पर आने वाला पूरा खर्च संबंधित जिम्मेदारों से वसूला जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या समूह बिना अनुमति के परिसर में निर्माण करने का प्रयास न करे।

नियमों का हवाला देकर उठाया गया कदम:
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष भावना के विरुद्ध नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय के नियमों और सरकारी प्रावधानों के अनुपालन के लिए की जा रही है। KGMU प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।

परिसर में व्यवस्था बनाए रखने पर जोर:
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी कहा है कि KGMU (King George’s Medical University) एक प्रमुख चिकित्सा शिक्षण संस्थान है, जहां प्रतिदिन हजारों मरीज और छात्र आते हैं। ऐसे में परिसर में अव्यवस्था या अवैध निर्माण से न केवल नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ता है। इसी कारण से यह निर्णय लिया गया है।

नोटिस के बाद बढ़ी गतिविधियां:
नोटिस चस्पा होने के बाद से परिसर में गतिविधियां बढ़ गई हैं। संबंधित पक्षों की ओर से नोटिस को लेकर चर्चा की जा रही है। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल अपने रुख को स्पष्ट रखते हुए कहा है कि तय समयसीमा का पालन अनिवार्य है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


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