Video:काशी में तैयार देश का पहला रोपवे, सफर होगा तेज और आसान
वाराणसी (Varanasi/वाराणसी) में देश का पहला अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे तैयार हो चुका है, जो शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है। इस परियोजना के शुरू होने के बाद वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक का सफर, जो सामान्य दिनों में ट्रैफिक जाम के कारण 40 से 45 मिनट तक का समय लेता था, अब महज 16 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यह रोपवे न केवल स्थानीय लोगों बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी यात्रा को तेज, आसान और सुविधाजनक बनाएगा।
करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परियोजना:
करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह अर्बन रोपवे 3.85 किलोमीटर लंबा है। इस परियोजना के तहत कुल पांच स्टेशन बनाए गए हैं, जो वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक यात्रियों को जोड़ेंगे। यह देश का पहला ऐसा अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे है, जिसे शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन के रूप में तैयार किया गया है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों के ऊपर से होगा संचालन:
इस रोपवे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका संचालन शहर के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के ऊपर से होगा। इससे सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है और लोगों को ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिल सकेगी। दोनों दिशाओं में मिलाकर यह रोपवे प्रति घंटे लगभग छह हजार यात्रियों को यात्रा की सुविधा देगा, जबकि प्रतिदिन करीब 96 हजार लोगों को इसका लाभ मिलने का अनुमान है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगा सीधा लाभ:
गोदौलिया स्टेशन से Kashi Vishwanath Dham (काशी विश्वनाथ धाम) और Dashashwamedh Ghat (दशाश्वमेध घाट) कुछ ही मिनट की पैदल दूरी पर स्थित होंगे। इससे बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
किफायती किराया और स्मार्ट पास की सुविधा:
रोपवे का न्यूनतम किराया केवल 10 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, वाराणसी कैंट से गोदौलिया तक पूरे सफर के लिए यात्रियों को 50 रुपये का भुगतान करना होगा। Kashi Smart Pass (काशी स्मार्ट पास) का उपयोग करने वाले यात्रियों को प्रत्येक यात्रा पर 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इसके अलावा नियमित यात्रा करने वालों के लिए मासिक पास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
आधुनिक तकनीक से लैस सुरक्षा व्यवस्था:
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रोपवे में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। यदि बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो पूरा सिस्टम तुरंत बैकअप व्यवस्था पर काम करना शुरू कर देगा। वहीं, यदि किसी कारण से पूरी बिजली व्यवस्था बंद हो जाती है तो इमरजेंसी इंजन की सहायता से सभी केबिनों को सुरक्षित तरीके से निकटतम स्टेशन तक पहुंचाया जाएगा। तेज हवा चलने की स्थिति में सेंसर सिस्टम स्वतः केबिन की गति कम कर देगा और आवश्यकता पड़ने पर संचालन को अस्थायी रूप से रोक भी दिया जाएगा।
काशी की यातायात व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा:
आस्था और आधुनिक तकनीक का यह संगम वाराणसी की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए तैयार है। देश का पहला अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के साथ-साथ लाखों श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के सफर को अधिक सरल, तेज और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब लोगों को सड़क के बजाय आसमान के रास्ते बाबा विश्वनाथ के दरबार तक पहुंचने का नया अनुभव मिलेगा।
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