Video: कासगंज: दबंग युवक ने BLO से की मारपीट, SIR फॉर्म फाड़े

रिपोर्टर: जुम्मन कुरैशी

कासगंज में एसआईआर अभियान के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक दबंग युवक द्वारा बीएलओ के साथ मारपीट और अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया। घटना के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। पीड़ित बीएलओ ने युवक पर न केवल मारपीट और घसीटने का आरोप लगाया, बल्कि जाति सूचक गालियां देने और एसआईआर के फॉर्म फाड़ने की शिकायत भी दर्ज कराई है। यह मामला सहावर कोतवाली क्षेत्र के कल्याणपुर गांव का बताया जा रहा है।

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हुआ विवाद:
जानकारी के अनुसार एसआईआर अभियान के तहत बीएलओ गांव में मतदाता सूची से जुड़े सत्यापन का कार्य कर रहा था। इसी दौरान युवक की पत्नी का नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया चल रही थी। बीएलओ द्वारा नियमों के अनुसार वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मांगी गई थी, ताकि नाम जोड़ने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसी बात को लेकर युवक नाराज हो गया और विवाद बढ़ गया।

जाति सूचक गालियों के साथ मारपीट का आरोप:
पीड़ित बीएलओ का आरोप है कि युवक ने आपत्ति जताते हुए पहले जाति सूचक गालियां दीं और फिर मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि युवक ने बीएलओ को धक्का दिया, घसीटा और हाथ में मौजूद एसआईआर के फॉर्म फाड़ दिए। अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। बीएलओ के अनुसार यह पूरी घटना सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली है।

सरकारी दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाने का मामला:
बीएलओ ने बताया कि युवक ने एसआईआर के कई फॉर्म फाड़ दिए, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। इन फॉर्मों का उपयोग पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और सूची को शुद्ध करने के लिए किया जा रहा था। सरकारी दस्तावेजों को इस तरह नुकसान पहुंचाना गंभीर विषय माना जा रहा है।

पीड़ित बीएलओ ने दी पुलिस को तहरीर:
घटना के बाद पीड़ित बीएलओ ने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी। तहरीर में युवक को नामजद करते हुए मारपीट, जाति सूचक गाली-गलौज और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। बीएलओ ने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सहावर कोतवाली क्षेत्र का मामला:
यह पूरा मामला सहावर कोतवाली क्षेत्र के कल्याणपुर गांव का है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में लिया है। पुलिस स्तर पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।

एसआईआर अभियान की संवेदनशीलता उजागर:
इस घटना ने एसआईआर अभियान की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा और सहयोग बेहद आवश्यक है। बीएलओ जैसे फील्ड कर्मी नियमों के तहत कार्य करते हैं, ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार चिंता का विषय बन गया है।

प्रशासनिक कार्य में बाधा पर सवाल:
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकारी कार्य कर रहे कर्मचारियों के साथ इस तरह की घटनाएं कैसे हो रही हैं। मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है और इस प्रक्रिया में बाधा डालना कानून व्यवस्था के लिए चुनौती माना जाता है।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


#Kasganj #Sahawar #Kalyanpur #BLO #SIR #Police

Related Post

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading