अबान की कार 130 की स्पीड से टकराई थी:टेक्निकल कमेटी की जांच रिपोर्ट में खुलासा, झांसी में हुई थी अतीक के बेटे की मौत

झांसी (Jhansi) में हादसे में अबान की मौत के मामले में तकनीकी जांच के बाद नई जानकारी सामने आई है। तकनीकी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के समय अबान की क्रेटा कार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। हालांकि, रिपोर्ट में दुर्घटना की निश्चित वजह सामने नहीं आई है। परिस्थितियों के आधार पर चालक को झपकी आने की संभावना जताई गई है। जांच रिपोर्ट लखनऊ (Lucknow) में पुलिस अधिकारियों को भी भेजी गई है।

हादसे के बाद तकनीकी समिति ने की जांच:

दुर्घटना के बाद गठित तकनीकी समिति ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त कार की तकनीकी स्थिति की जांच की। टीम ने कार के ब्रेकिंग सिस्टम, स्टेयरिंग, सस्पेंशन, पहियों और व्हील अलाइनमेंट का परीक्षण किया। इसके अलावा वाहन की बॉडी पर पड़े क्रश पैटर्न, यात्री कक्ष, एयरबैग और सीट बेल्ट प्रणाली को भी जांच के दायरे में रखा गया।

जांच के दौरान यह भी देखा गया कि दुर्घटना से पहले कार में किसी तरह की यांत्रिक खराबी तो नहीं थी। समिति ने कार को हुए नुकसान और हादसे के दौरान वाहन की स्थिति का तकनीकी आधार पर परीक्षण किया।

हाईवे पर डिवाइडर से टकराई थी कार:

6 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे झांसी से लगभग 70 किलोमीटर पहले अबान की कार हाईवे पर डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू सहित दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

टक्कर इतनी भीषण थी कि कार करीब 10 फीट तक उछलकर नीचे गिरी। हादसे के बाद कार के टुकड़े करीब 40 फीट तक हाईवे पर बिखर गए थे। कार का बायां हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसमें सवार सभी पांच लोग वाहन के अंदर फंस गए थे।

पुलिस और राहगीरों ने कार का दरवाजा तोड़कर सभी लोगों को बाहर निकाला। आगे की सीट पर बैठे अबान और उसके पीछे बैठे सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। घायल उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारुक अहजम को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

बड़े भाई से मिलने जा रहा था अबान:

21 वर्षीय अबान प्रयागराज (Prayagraj) से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मिलने के लिए निकला था। वह क्रेटा कार से चार दोस्तों के साथ यात्रा कर रहा था। 6 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे वह घर से निकला था।

करीब 10:30 बजे झांसी से लगभग 70 किलोमीटर पहले पूंछ थाना क्षेत्र में कार हाईवे पर डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना के बाद वाहन को काफी नुकसान पहुंचा और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों और घायल ने बताई अलग-अलग वजह:

हादसे के बाद प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों की ओर से दुर्घटना की वजह को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई थी। प्रत्यक्षदर्शी दीपक के अनुसार, हाईवे पर अचानक एक बछड़ा आ गया था। उसे बचाने के लिए चालक ने कार को बाईं ओर मोड़ा।

दीपक के मुताबिक, इसी दौरान सामने एक बाइक सवार आ गया, जिसके चलते चालक को कार दोबारा मोड़नी पड़ी और वाहन डिवाइडर से टकरा गया। वहीं घायल उमर अहमद ने बताया था कि हाईवे पर ईंट पड़ी थी। उसके कारण कार बेकाबू हुई और डिवाइडर से टकरा गई।

कार की तकनीकी स्थिति का बारीकी से परीक्षण:

तकनीकी जांच के लिए परिवहन विभाग के आरआई राघव कुमार और एमटी तकनीकी प्रभारी शिव कुमार की अगुवाई में समिति गठित की गई थी। समिति ने कार की तकनीकी स्थिति के साथ-साथ दुर्घटना के दौरान वाहन को हुए नुकसान का भी बारीकी से परीक्षण किया।

जांच में सामने आया कि कार का बायां अगला हिस्सा कंक्रीट की कठोर सुरक्षा दीवार से टकराने के बाद पीछे की सीट तक धंस गया था। तकनीकी रूप से इसे फ्रंटल डिफॉर्मेशन क्रश कहा गया है। इस तरह की स्थिति आगे की सीट पर बैठे व्यक्ति के लिए गंभीर परिणाम वाली हो सकती है।

130 किलोमीटर प्रति घंटे की थी रफ्तार:

तकनीकी समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय कार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही थी। यह गति लगभग 36.1 मीटर प्रति सेकंड के बराबर होती है। ऐसे में यदि सामने अचानक कोई बाधा आ जाए तो चालक के पास प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय रहता है।

रिपोर्ट के अनुसार, तेज गति के कारण कंक्रीट की सुरक्षा दीवार से टकराने के बाद कार का अगला क्रश क्षेत्र पीछे के यात्री हिस्से तक पहुंच गया। टक्कर के दौरान स्टेयरिंग से पहियों को नियंत्रित करने वाला टाई-रॉड भी क्षतिग्रस्त हो गया। कार के एयरबैग खुलने के बावजूद अबान की जान नहीं बच सकी।

डिवाइडर से टकराकर दस फीट उछली कार:

तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, डिवाइडर से टकराने के बाद कार करीब 10 फीट की ऊंचाई तक उछली और इसके बाद दाएं टायर के बल नीचे गिरी। इस दौरान दायां पहिया और सस्पेंशन अचानक बहुत अधिक ऊर्ध्वाधर प्रभाव की चपेट में आए।

वाहन के जमीन पर गिरते समय उसका भार अचानक दाईं ओर पड़ा। इसी वजह से बाईं तरफ से टक्कर लगने के बावजूद कार के दाएं हिस्से का टायर और सस्पेंशन भी क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे की निश्चित वजह अभी स्पष्ट नहीं:

तकनीकी जांच में कार की तेज रफ्तार की पुष्टि हुई है, लेकिन दुर्घटना आखिर किस वजह से हुई, यह निश्चित रूप से सामने नहीं आया है। रिपोर्ट में परिस्थितियों के आधार पर चालक को झपकी आने की संभावना जताई गई है। वहीं हादसे से पहले कार में किसी यांत्रिक खराबी की संभावना की भी तकनीकी जांच की गई।

इस मामले में प्रत्यक्षदर्शियों और घायल की ओर से दुर्घटना के अलग-अलग कारण बताए गए थे, जबकि तकनीकी समिति की जांच में मुख्य रूप से वाहन की गति और टक्कर के बाद हुए तकनीकी नुकसान का आकलन सामने आया है।

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