देवरिया में SIR ड्यूटी में तैनात BLO शिक्षामित्र की मौत? पति ने लगाए गंभीर आरोप

रिपोर्टर: गुड़िया मद्धेशिया

देवरिया (Deoria) जिले के रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के माझा नारायण गांव में प्राथमिक विद्यालय में तैनात BLO (Booth Level Officer) रंजू दुबे की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, रंजू दुबे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही थीं और SIR (System for Improvement of Records) कार्य में लगी थीं। अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनका लखनऊ ले जाते समय रास्ते में बस्ती जिले में निधन हो गया।

SIR कार्य का दबाव:
रंजू दुबे माझा नारायण प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा मित्र (Education Mitra) के पद पर तैनात थीं और साथ ही BLO के रूप में SIR कार्य देख रही थीं। 25 नवंबर को रुद्रपुर SIR सुपरवाइज़र ने उन्हें टेलीफोन के माध्यम से बताया कि शाम 6 बजे जूम मीटिंग होगी और रात 10 बजे तक 50 फॉर्म अपलोड करने होंगे। सुपरवाइज़र ने चेतावनी भी दी कि यदि फॉर्म अपलोड नहीं किए गए तो उन्हें तहसील में उपस्थित होना पड़ेगा।

तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय मौत:
यह सुनते ही रंजू दुबे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवारजन उन्हें आनन-फानन में लखनऊ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में बस्ती जिले में उनकी मौत हो गई। माझा नारायण प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल ने बताया कि रंजू दुबे पर SIR कार्य का अत्यधिक दबाव था और इसी कारण उनकी मृत्यु हुई हो सकती है। परिवारजन भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि कार्य का तनाव उनकी तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण रहा।

परिवार और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
परिवार ने बताया कि रंजू दुबे हमेशा ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य करती थीं। इस अचानक मौत ने पूरे परिवार को स्तब्ध कर दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन के पास अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंची है, और प्रशासनिक अधिकारी इस विषय में कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं।

SIR प्रणाली और कर्मचारियों पर असर:
उत्तर प्रदेश में लागू SIR प्रणाली के तहत कर्मचारी समयबद्ध रूप से फॉर्म और रिपोर्ट अपलोड करने के लिए दबाव में रहते हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय नेताओं का मानना है कि इस अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव से कई कर्मचारियों की सेहत पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। रंजू दुबे की मौत इस प्रणाली की चुनौतियों और कर्मचारियों पर पड़ रहे प्रभाव को उजागर करती है।

स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया:
माझा नारायण गांव और आसपास के क्षेत्र के लोग रंजू दुबे की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं। गांव में उनके योगदान और सेवा की चर्चा हो रही है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस मामले की गंभीर जांच करने और भविष्य में कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव न डालने की मांग कर रहे हैं।

निष्कर्ष:
रंजू दुबे की मृत्यु ने यह स्पष्ट कर दिया है कि SIR प्रणाली में कार्यरत कर्मचारियों पर अत्यधिक मानसिक दबाव और जिम्मेदारियों का बोझ उनके स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। प्रशासन और सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यभार संतुलन पर ध्यान दें।

tags: #deoria, #BLO, #SIRDuty, #UPNews, #Education, #StressDeath, #FormUpload, #Rudrapur, #Teachers, #UPUpdates


डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading