चीन ने LAC पर घटाए सैनिक, भारत की चिंता फिर भी कायम, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

भारतीय सेना (Indian Army) की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अपनी सैनिक तैनाती में कमी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, एलएसी और चीन के सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों में अब करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के आकार की सैन्य टुकड़ियां तैनात हैं। एक ब्रिगेड में करीब तीन हजार सैनिक होते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एलएसी के सभी क्षेत्रों में भारतीय सेना की तैनाती मजबूत है और वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

एलएसी पर सैन्य तैनाती मजबूत:

कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में पैदल सेना, टैंक, तोपखाना और वायु रक्षा जैसी अलग-अलग सैन्य क्षमताएं शामिल होती हैं। सेना की सालाना रिपोर्ट में चीन की ओर से सैनिकों की संख्या घटाए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद भारतीय सेना ने एलएसी के सभी क्षेत्रों में अपनी तैनाती को मजबूत बताया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सीमा पर दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियों और बातचीत को लेकर लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं। सेना ने कहा है कि वह सीमा पर सामने आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।

भारत-चीन के बीच सैन्य बातचीत फिर शुरू:

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत और चीन के बीच सैन्य बातचीत फिर शुरू हुई। मार्च और जुलाई में कार्यकारी तंत्र की 33वीं और 34वीं बैठक हुई। सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधियों के स्तर पर भी बातचीत हुई। यह वार्ता दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में हुई।

अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन गए और तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसके बाद 25 और 26 अक्टूबर को पूर्वी लद्दाख में 23वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई।

सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच बॉर्डर पर्सनल मीटिंग भी जारी रहीं। सेना के अनुसार, इन बैठकों के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा और आपसी विवादों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की कोशिश की गई।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सैन्य क्षमता की समीक्षा:

सेना की रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर को एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई करने की भारतीय सेना की क्षमता, मजबूत खुफिया तंत्र, आधुनिक तकनीक और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल का प्रदर्शन बताया गया है।

ऑपरेशन के बाद सेना ने अपनी सैन्य क्षमताओं में मौजूद कमियों की समीक्षा की। इसके तहत सैन्य बलों के पुनर्गठन, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को और मजबूत करने तथा नई तकनीक को शामिल करने पर जोर दिया गया।

जम्मू-कश्मीर में हिंसा और विरोध-प्रदर्शन में कमी:

रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में भी सुधार का उल्लेख किया गया है। सेना के अनुसार, वर्ष 2025 में जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की एक भी घटना नहीं हुई। साथ ही हिंसा और विरोध-प्रदर्शन के स्तर में भी कमी दर्ज की गई।

सेना ने बताया कि 2025 में केवल एक स्थानीय युवक आतंकी संगठनों में शामिल हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के लगातार प्रयासों से क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में रही। सेना ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग सरकार और सेना की विकास योजनाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन बढ़े:

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में सुधार के बावजूद नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन के मामले बढ़े। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में संघर्षविराम उल्लंघन के दो मामले सामने आए थे, जबकि 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 163 हो गई।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025 में नियंत्रण रेखा के रास्ते आतंकियों ने छह बार घुसपैठ की कोशिश की। इन कोशिशों के दौरान 12 पाकिस्तानी आतंकियों के मारे जाने की जानकारी दी गई है। सेना के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में घुसपैठ की कोशिशों में कमी आई है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी की कोशिशें बढ़ीं:

सेना की रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकियों की ओर से जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिश की गई। इसमें नशीले पदार्थों और युद्ध में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की तस्करी शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा बलों ने दो एके-47 राइफल, 75 पिस्तौल और 281.41 किलोग्राम नशीला सामान बरामद किया। सेना का आकलन है कि इन वस्तुओं को ड्रोन के जरिए सीमा पार से पहुंचाया गया।

ड्रोन से हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने की कोशिश:

रिपोर्ट के अनुसार, खासकर पंजाब में ड्रोन का इस्तेमाल हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने तक सीमित नहीं है। सीमा के आसपास निगरानी और अन्य सुरक्षा गतिविधियों के लिए भी ड्रोन के इस्तेमाल की कोशिशें बढ़ रही हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद एलओसी पर स्थिति स्थिर:

सेना के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जम्मू-कश्मीर और नियंत्रण रेखा पर स्थिति में बड़ा बदलाव आया। इसके बाद 10 और 12 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों के बीच बातचीत हुई।

इन बातचीत के बाद नियंत्रण रेखा पर स्थिति काफी हद तक स्थिर हुई। हालांकि, सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा पर अनिश्चितता अभी बनी हुई है। रिपोर्ट में सीमा सुरक्षा, सैन्य तैयारियों और बदलती परिस्थितियों के बीच लगातार सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

#Tag: #IndianArmy #LAC #China #OperationSindoor #JammuKashmir

Disclaimer:

यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading