वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने कसी नकेल

भारत (India) में बढ़ते वायु प्रदूषण (Air Pollution) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक जनहित याचिका (Public Interest Litigation) दायर की गई है। यह याचिका ल्यूक क्रिस्टोफर काउंटिन्हो (Luke Christopher Coutinho) ने दायर की है। क्रिस्टोफर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के फिट इंडिया मूवमेंट (Fit India Movement) के वेलनेस चैंपियन (Wellness Champion) भी रह चुके हैं।

जनहित याचिका का उद्देश्य:
क्रिस्टोफर का कहना है कि देश में वायु प्रदूषण का स्तर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी (Public Health Emergency) के अनुपात में पहुंच गया है। उन्होंने याचिका में यह भी बताया कि इस प्रदूषण का असर ग्रामीण (Rural) और शहरी (Urban) क्षेत्रों के लोगों की सेहत (Health) पर बुरा पड़ रहा है।

बच्चों पर प्रभाव:
याचिका में विशेष रूप से दिल्ली (Delhi) के करीब 22 लाख स्कूली बच्चों (School Children) का जिक्र किया गया है। उनका कहना है कि इन बच्चों के फेफड़ों (Lungs) को इतना नुकसान पहुंचा है कि उनकी रिकवरी (Recovery) मुश्किल हो रही है। इस तथ्य की पुष्टि सरकारी (Government) और मेडिकल (Medical) स्टडी से भी हुई है।

वायु गुणवत्ता और पॉलिसी:
देश में कई पॉलिसी (Policy) बनने के बावजूद, ग्रामीण और शहरी भारत (Rural and Urban India) के बड़े हिस्से में हवा की गुणवत्ता (Air Quality) लगातार खराब बनी हुई है। कुछ मामलों में स्थिति और भी गंभीर (Severe) है।

प्रदूषण स्तर का आंकलन:
दिल्ली (Delhi), मुंबई (Mumbai), कोलकाता (Kolkata), चेन्नई (Chennai) और बेंगलुरु (Bengaluru) में PM 2.5 और PM10 जैसे प्रदूषक (Pollutants) सीमाओं (Limits) से अधिक हैं। भारतीय मानक के अनुसार, PM 2.5 का एनुअल एवरेज (Annual Average) 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 के लिए 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होना चाहिए।

प्रदूषण की वर्तमान स्थिति:
हालांकि, दिल्ली (Delhi) में PM 2.5 का स्तर लगभग 105 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर, कोलकाता (Kolkata) में लगभग 33 और लखनऊ (Lucknow) में लगभग 90 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है। यह सभी भारतीय मानकों (Indian Standards) का उल्लंघन (Violation) हैं।

समाप्ति:
ल्यूक क्रिस्टोफर काउंटिन्हो (Luke Christopher Coutinho) द्वारा दायर की गई यह याचिका (PIL) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से भारत (India) में वायु प्रदूषण (Air Pollution) की समस्या को गंभीरता से लेने और प्रभावी कदम उठाने की मांग करती है। यदि सरकार (Government) समय पर प्रभावी उपाय नहीं करती है तो जनता (Public) विशेषकर बच्चों (Children) और बुजुर्गों (Elderly) की सेहत (Health) पर गंभीर असर पड़ सकता है।


#Tag: #AirPollution #India #SupremeCourt #LukeCoutinho #HealthAlert

Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading