होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी से टैंकर लौटा:
अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहे चीनी टैंकर रिच स्टैरी (Rich Starry) को एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकेबंदी के कारण पीछे लौटना पड़ा। यह टैंकर संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates – UAE) के हमरियाह पोर्ट से लगभग 2.5 लाख बैरल मेथेनॉल लेकर रवाना हुआ था। खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान इसे अमेरिकी अवरोध का सामना करना पड़ा, जिसके चलते इसे अपनी यात्रा रोकनी पड़ी। इससे पहले भी इसी टैंकर ने मंगलवार को होर्मुज पार करने का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हो सका।
ओमान की खाड़ी में बढ़ती सैन्य हलचल:
रिपोर्ट के अनुसार, ओमान की खाड़ी में स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है। अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया कि मंगलवार को अमेरिकी युद्धपोत ने दो तेल टैंकरों को रोक दिया, जो ईरान के चाबहार बंदरगाह से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। चाबहार पोर्ट ईरान के रणनीतिक बंदरगाहों में शामिल है और इस क्षेत्र में लगातार समुद्री गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
प्रतिबंधों के दायरे में चीनी शिपिंग कंपनी:
टैंकर रिच स्टैरी और इसकी स्वामित्व वाली कंपनी शंघाई जुआनरन शिपिंग (Shanghai Xuanrun Shipping) पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है। अमेरिका ने वर्ष 2023 में इस कंपनी पर प्रतिबंध लगाए थे, क्योंकि उस पर ईरान के साथ व्यापार करने का आरोप था। इसी कारण यह जहाज और इससे जुड़ी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय निगरानी में बनी हुई हैं।
ईरानी तेल पर अमेरिकी नीति में बदलाव:
पिछले 24 घंटों में जारी अपडेट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (US Treasury Department) ने संकेत दिया है कि ईरानी तेल की बिक्री के लिए दी गई अस्थायी छूट अब कुछ दिनों में समाप्त हो जाएगी और इसे आगे बढ़ाने की संभावना नहीं है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
यूरोपीय देशों की नई समुद्री रणनीति:
यूरोपीय देश होर्मुज स्ट्रेट में युद्ध के बाद समुद्री यातायात को सामान्य करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस प्रस्तावित मिशन में संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America – USA) को शामिल नहीं किया गया है। यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक मार्गों को स्थिर करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कनाडा की मानवीय सहायता घोषणा:
कनाडा (Canada) ने लेबनान (Lebanon) के लिए 40 मिलियन डॉलर यानी लगभग 330 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह सहायता अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचाई जाएगी।
हिजबुल्लाह के सैन्य दावों में बढ़ोतरी:
हिजबुल्लाह (Hezbollah) ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में उसके लड़ाकों ने 34 सैन्य हमले किए हैं। संगठन के अनुसार इन हमलों में इजराइल की बस्तियों, सैन्य जमावड़ों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
डोनाल्ड ट्रम्प के बयान और क्षेत्रीय स्थिति:
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत अगले दो दिनों में फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के दौरान खाड़ी देशों पर हमले की उम्मीद नहीं थी। ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज (Fox News) को दिए इंटरव्यू में कहा कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों को निशाना बनाना अप्रत्याशित था और यह ईरान की जवाबी कार्रवाई का हिस्सा प्रतीत होता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान मिडिल ईस्ट में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अमेरिका ने उसकी गतिविधियों को रोका। ट्रम्प के अनुसार, यदि पिछले वर्ष अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की होती तो ईरान परमाणु हथियार विकसित कर सकता था और क्षेत्रीय देशों के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।
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