बलिया: डिजिटल और AI तकनीक से बदलेगी हज यात्रा की व्यवस्था

रिपोर्टर: अमित कुमार

ख़बर उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद से है, जहां सऊदी अरब से लौटे भारत सरकार के पांच सदस्यीय डेलीगेशन ने हज तीर्थ यात्रा 2026 को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। डेलीगेशन के चीफ और यूपी सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण व हज मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने बताया कि वर्ष 2026 की हज यात्रा पूरी तरह डिजिटल और AI तकनीक से युक्त होगी। इसका उद्देश्य हज तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

सऊदी अरब से लौटे डेलीगेशन की रिपोर्ट:
हज तीर्थ यात्रा की ग्राउंड रिपोर्ट लेकर सऊदी अरब से केंद्र सरकार का पांच सदस्यीय डेलीगेशन भारत लौटा है। इस डेलीगेशन ने हज के दौरान व्यवस्थाओं, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। बलिया में मीडिया से बातचीत के दौरान डेलीगेशन के चेयरपर्सन दानिश आज़ाद अंसारी ने बताया कि पूरी दुनिया से करीब 20 लाख हज यात्री एक साथ सऊदी अरब में मौजूद होते हैं। ऐसे में तकनीक के सहारे व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है।

भारत से जाएंगे 1 लाख 25 हजार हज यात्री:
डेलीगेशन चीफ ने बताया कि वर्ष 2026 में अकेले भारत से करीब 1 लाख 25 हजार हज तीर्थ यात्री सऊदी अरब जाएंगे। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की देखरेख और सुविधाओं के लिए भारत सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है। इस योजना के तहत हर हज यात्री को आधुनिक तकनीक से लैस सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी से तुरंत निपटा जा सके।

डिजिटल और AI युक्त होगी पूरी व्यवस्था:
2026 की हज यात्रा को पूरी तरह डिजिटल और AI आधारित बनाने की योजना है। हज यात्रियों की लोकेशन, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी तकनीक के माध्यम से रियल टाइम में उपलब्ध रहेगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाना संभव हो सकेगा। यह व्यवस्था न केवल यात्रियों के लिए बल्कि प्रशासन के लिए भी हज प्रबंधन को आसान बनाएगी।

इमरजेंसी बटन वाला स्मार्ट हैंड बैंड:
दानिश आज़ाद अंसारी ने बताया कि इस बार हज तीर्थ यात्रियों को इमरजेंसी बटन से युक्त विशेष डिजिटल और AI आधारित स्मार्ट हैंड बैंड या स्मार्ट वॉच दी जाएगी। इस डिवाइस के माध्यम से यात्रियों की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त होगी। किसी भी आपात स्थिति में हज यात्री जैसे ही इमरजेंसी बटन दबाएंगे, संबंधित एजेंसियों को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान:
हज यात्रा के दौरान बुजुर्ग और बीमार यात्रियों की संख्या भी काफी होती है। इसे ध्यान में रखते हुए स्मार्ट डिवाइस के जरिए यात्रियों के स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी। इससे समय रहते आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना आसान होगा। डेलीगेशन चीफ के अनुसार, भारत सरकार का प्रयास है कि कोई भी हज यात्री असुविधा या असुरक्षा महसूस न करे।

भारत और सऊदी सरकार के बीच समन्वय:
हज यात्रियों की सुविधा के लिए भारत सरकार लगातार सऊदी सरकार के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) और केंद्रीय स्तर के अधिकारी भी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए समन्वय कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच संवाद के माध्यम से हज यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

तकनीक से आसान होगी हज यात्रा:
डिजिटल और AI तकनीक के इस्तेमाल से हज यात्रा पहले से अधिक सरल और सुरक्षित होगी। यात्रियों को न केवल बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता सुनिश्चित की जाएगी। डेलीगेशन की रिपोर्ट के आधार पर आने वाले समय में हज यात्रा के लिए और भी तकनीकी सुधार किए जा सकते हैं।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com



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