गाजीपुर (Ghazipur) जनपद के कुंडेसर (Kundesar) ग्राम में 19 जनवरी 2026 से नौ दिवसीय श्री सीताराम महायज्ञ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह यज्ञ कुंडेसर कृषि भवन (Kundesar Krishi Bhavan) के पास संपन्न होगा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। ग्रामवासियों और आयोजन समिति ने सभी धर्मपरायण लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।
यज्ञ का शुभारंभ और धार्मिक अनुष्ठान:
महायज्ञ की शुरुआत कलश यात्रा (Kalash Yatra) के साथ होगी। इसके पश्चात पंचांग पूजन (Panchang Poojan), मंडप प्रवेश (Mandap Pravesh), वेदी प्रतिष्ठा (Vedi Pratistha), अग्नि मंथन (Agni Manthan), अग्नि पूजन (Agni Poojan), यज्ञ पूर्णाहुति (Yagya Purnahuti), मंडप पूजन (Mandap Poojan) एवं संत विदाई (Sant Vidai) जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे। यह सभी क्रियाएं यज्ञाचार्य समपूर्णानंद सनातनी (Sampurnanand Sanatani) चन्दन बाबा के मार्गदर्शन में की जाएंगी।
प्रतिदिन सत्संग एवं अमृत कथा का आयोजन:
महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन दो बार कथा वाचन का आयोजन होगा। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक और सायं 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक कथा का समय निर्धारित किया गया है। कथा वाचन धर्मदूत हरिप्रकाश स्वामी (Hariprakash Swami) वृंदावन (Vrindavan) से आएंगे और श्रद्धालुओं को कथा रसपान कराएंगे। यह आयोजन भक्तों को आध्यात्मिक अनुशासन, श्रद्धा और ज्ञान प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
आयोजन समिति की अपील और गांव में उत्साह:
आयोजन समिति और ग्रामवासियों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में यज्ञ में भाग लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इस महायज्ञ में शामिल होकर लोग अपने पितरों और स्वयं के कल्याण के लिए पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। गाँव में महायज्ञ को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है और तैयारियों का कार्य जोरों पर है।
सुरक्षा और व्यवस्था:
महायज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने को देखते हुए आयोजन समिति ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा है। यातायात, प्रवेश द्वार, पार्किंग और स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी ताकि हर श्रद्धालु अपने अनुभव को सहज और सुरक्षित रूप से प्राप्त कर सके।
धार्मिक महत्व और आस्था का संदेश:
श्री सीताराम महायज्ञ (Shri Sitaram Mahayagya) का आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था को बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। नौ दिवसीय इस यज्ञ में सभी धार्मिक क्रियाओं के माध्यम से श्रद्धालु पितरों के कल्याण और स्वयं के आध्यात्मिक उत्थान के लिए पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं।
समापन:
यह महायज्ञ 27 जनवरी 2026 को संपन्न होगा, और अंतिम दिन संतों के विदाई समारोह के साथ यज्ञ का समापन होगा। आयोजक समिति का उद्देश्य है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भक्तों को धर्म, आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिले।
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