यूपी के गोरखपुर में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। चिलुआताल थानाक्षेत्र के घोसीपुरवा मोहल्ले में लगे बैनर ने स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया। दुकानों और गलियों में लगे इन पोस्टरों पर उकसावे वाली बातें लिखी गई थीं। विवादित लाइनें थीं- ‘हिसाब में रहो साहब, हम सब्र में हैं, कब्र में नहीं…’। पोस्टर देख स्थानीय लोग भड़क गए और कुछ पोस्टरों को फाड़ दिया। मौके पर पुलिस भी पहुंची और फिलहाल बैनर उतार लिया गया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
घोसीपुरवा मोहल्ले के निवासी बताते हैं कि बैनर पर लिखी बातें धमकी भरी प्रतीत हो रही थीं और यह स्थानीय शांति भंग करने की कोशिश थी। बैनर लगाने वाले किसकी दुकान के ऊपर और किसने इसे लगाया, इस बात का अभी तक पता नहीं चल सका। स्थानीय युवाओं ने कुछ लोगों द्वारा बैनर का वीडियो बनाने पर विरोध भी जताया।
पुलिस की सक्रियता:
स्थानीय शांति बनाए रखने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और बैनर हटा दिया। अधिकारियों ने कहा कि बैनर लगाने वालों की तलाश जारी है। कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मोहल्ले में शांति है।
कानपुर का पिछला विवाद:
‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद की शुरुआत कानपुर के रावतपुर के सैय्यदनगर से हुई थी। 4 सितंबर को बारावफात के रोशनी कार्यक्रम में साइन बोर्ड लगाया गया था। अगले दिन हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया। इसके बाद पोस्टर और बैनर फाड़ दिए गए और दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी हुई। पुलिस ने दो घंटे की मशक्कत के बाद हालात को काबू में किया।
फिर बवाल हुआ शारदानगर में:
19 सितंबर को शारदानगर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने FIR वापस लेने की मांग को लेकर जुलूस निकाला। उन्होंने कहा कि क्या पैगंबर का नाम लिखना अब गलत हो गया है। उनका आरोप था कि FIR गलत तरीके से दर्ज की गई है और यदि बेगुनाहों को जेल भेजा गया, तो आंदोलन होगा।
बरेली हिंसा और गिरफ्तारी:
कानपुर विवाद की प्रतिक्रिया में 26 सितंबर को बरेली में हिंसा भड़क उठी। मौलाना तौकीर रजा ने युवकों को प्रदर्शन के लिए बुलाया। इस दौरान फायरिंग हुई और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। मौलाना तौकीर रजा पर 7 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उनके करीबियों की करीब डेढ़ सौ करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
CM योगी की प्रतिक्रिया:
इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि कुछ लोग शांति व्यवस्था और लोक कल्याण के खिलाफ हैं। जब भी हिंदुओं के त्योहार आते हैं, उनका माहौल बिगड़ने लगता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन किसी के दबाव में नहीं है और किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस्लाम में बुतपरस्ती का विरोध करना उनकी फिलॉस्फी है, लेकिन यह माहौल बिगाड़ने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
स्थानीय शांति बनाए रखने के प्रयास:
अधिकारियों ने यह भी कहा कि मोहल्ले में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है। सभी संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस टीम तैनात की गई है। स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी विवादित पोस्टर के बारे में पुलिस को जानकारी देने का आग्रह किया गया है।
गोरखपुर में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद ने धार्मिक भावनाओं को उकसाया और स्थानीय प्रशासन को सक्रिय होने पर मजबूर किया। फिलहाल मामला शांत है, लेकिन पुलिस की निगरानी जारी है और बैनर लगाने वालों की पहचान के लिए कार्रवाई जारी है।
#Gorakhpur #PosterControversy #UPPolice #ILoveMohammed
डिस्क्लेमर: यह खबर Media Platforms पर दी गई सूचना पर आधारित है।
गोरखपुर में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद: खुली धमकी, लोगों में गुस्सा