Gorakhpur: गोरखपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 19 वर्षीय युवती पर एक नाबालिग लड़के का यौन शोषण करने और फिर उसे ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। इस मामले में लड़के की शिकायत के बाद कोर्ट के आदेश पर युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह घटना गीडा थानाक्षेत्र की है, जिसने एक बार फिर डिजिटल दोस्ती से जुड़े खतरों को उजागर किया है।
ऑनलाइन दोस्ती, असल ज़िंदगी में शोषण
यह मामला 3 साल पहले, दिसंबर 2023 में शुरू हुआ, जब सहजनवां इलाके के 16 वर्षीय लड़के की इंस्टाग्राम पर 19 वर्षीय युवती से दोस्ती हुई। बातचीत के दौरान, युवती ने धीरे-धीरे लड़के को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। जल्द ही, उसने लड़के को गोरखपुर के एक होटल में मिलने के लिए बुलाया। लड़के के मुताबिक, युवती ने पहले से ही होटल का कमरा बुक कर रखा था। जब वे कमरे में मिले, तो युवती ने उससे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। लड़के ने जब इनकार किया, तो युवती ने उसे झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी दी। डरकर, लड़के ने उसकी बात मानी और शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, होटल के कमरे का 800 रुपये का बिल भी लड़के से ही भरवाया गया।
लगातार ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग
इस पहली मुलाकात के बाद, युवती ने लड़के को लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने लड़के के कपड़े उतारकर उसकी कुछ तस्वीरें भी ले ली थीं, जिनका इस्तेमाल वह उसे धमकाने के लिए करती थी। युवक ने बताया कि वह बार-बार उसे अलग-अलग होटलों में बुलाती थी। उसने 31 अगस्त 2024, 19 सितंबर 2024 और 26 नवंबर 2024 को भी जबरदस्ती बुलाकर उसका यौन शोषण किया। हर बार होटल का खर्च और अन्य पैसे भी लड़के से ही वसूले जाते थे। आरोप है कि युवती ने कई बार उससे सीधे तौर पर पैसे भी लिए।
घरवालों को पता चला, फिर भी नहीं हुई सुनवाई
युवती के लगातार शोषण से तंग आकर आखिरकार लड़के ने अपने परिवार को सारी बात बताने का फैसला किया। इसी बीच, 25 जून 2025 को युवती खुद लड़के के घर पहुंच गई और उसके पिता से 12 लाख रुपये की मांग की। यह सुनकर परिवार सदमे में आ गया। युवक के पिता ने अपने नाबालिग बेटे को बचाने के लिए 23 जुलाई 2025 को एसएसपी ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद, उन्होंने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस
28 जुलाई 2025 को कोर्ट में प्रार्थना पत्र देने के बाद, आखिरकार 14 सितंबर 2025 को अपर जिला सत्र न्यायालय/स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट के आदेश पर गीडा थाने में युवती के खिलाफ केस दर्ज किया गया। गीडा के थानाध्यक्ष अश्वनी पांडेय ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। यह मामला दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया पर बनने वाली पहचानें और रिश्ते असल ज़िंदगी में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
तिवारीपुर थाने का ऐसा ही एक और मामला
यह पहली बार नहीं है जब गोरखपुर में इस तरह का मामला सामने आया है। जुलाई 2025 में तिवारीपुर थाने में भी एक ऐसा ही केस दर्ज हुआ था। उस मामले में भी एक युवती पर 17 वर्षीय किशोर का यौन शोषण करने और उसकी तस्वीरें लेकर पैसे वसूलने की कोशिश करने का आरोप लगा था। दिलचस्प बात यह थी कि युवती खुद ही किशोर के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराने थाने पहुंची थी, लेकिन पुलिस की जांच में किशोर ही पीड़ित निकला। इसके बाद, किशोर के पिता ने युवती के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। ये दोनों मामले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि ऑनलाइन रिश्तों में सतर्कता बरतना कितना ज़रूरी है, क्योंकि शोषण के शिकार होने वाले केवल एक ही लिंग के नहीं होते।

