लखनऊ में गोमती का जलस्तर बढ़ने से रिवर फ्रंट में भरा पानी, एंट्री पर लगी रोक
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गोमती रिवर फ्रंट को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। जलस्तर बढ़ने से रिवर फ्रंट के दोनों तरफ बने पाथ-वे और आसपास के हिस्सों में पानी भर गया है। इसके बाद टिकटों की बिक्री बंद कर दी गई है और किसी भी व्यक्ति को रिवर फ्रंट के अंदर जाने की अनुमति नहीं है। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जलभराव के बाद रिवर फ्रंट में प्रवेश बंद:
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के मुताबिक, 2 अक्टूबर को गोमती नदी का पानी बढ़ने के कारण रिवर फ्रंट के एलएचएस (LHS) और आरएचएस (RHS) दोनों हिस्सों में जलभराव हो गया। फिलहाल रिवर फ्रंट में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर यहां टिकटिंग बंद कर दी गई है और आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
रिवर फ्रंट को दोबारा कब खोला जाएगा, इसका निर्णय गोमती नदी के जलस्तर और मौजूदा स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। फिलहाल लोगों को रिवर फ्रंट के अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
गोमती का जलस्तर सामान्य से 2.4 मीटर ऊपर:
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। गऊ घाट पर नदी का जलस्तर 107.59 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि सामान्य दिनों में यह 105.6 से 105.7 मीटर के आसपास रहता है। इससे पहले 28 सितंबर को जलस्तर 108.20 मीटर तक पहुंच गया था। फिलहाल नदी का जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है।
गोमती नदी का खतरे का निशान 109.50 मीटर है। मौजूदा जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में एहतियात बरती जा रही है।
बैराज के सभी 10 गेट खोले गए:
नदी में पानी की निकासी तेज करने और शहर में बाढ़ का खतरा कम करने के लिए गोमती बैराज के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज पर जलस्तर 106.40 मीटर बनाए रखा गया है। गेट खोले जाने के बाद नदी में पानी की रफ्तार करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई है, जबकि सामान्य दिनों में यह करीब 1 किलोमीटर प्रति घंटे रहती है।
नदी में पानी की रफ्तार बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सिंचाई विभाग की ओर से जलस्तर और पानी के दबाव की निगरानी की जा रही है।
पीलीभीत, लखीमपुर और सीतापुर से आ रहा पानी:
गोमती नदी में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और सीतापुर समेत ऊपरी जिलों से पानी पहुंच रहा है। इसके अलावा बेहटा, श्रावण समेत कई छोटे-बड़े नालों का पानी भी नदी में आ रहा है। ऊपरी जिलों में हुई बारिश को गोमती का जलस्तर बढ़ने की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार के मुताबिक, सीतापुर-लखनऊ सीमा पर स्थित भटपुरवा में पिछले दो दिन से जलस्तर स्थिर है। उनके अनुसार, यदि आगे भी जलस्तर स्थिर रहता है तो धीरे-धीरे नदी का जलस्तर कम होने का अनुमान है।
पानी का दबाव बढ़ने पर 48 नाले बंद:
गोमती नदी में पानी का दबाव बढ़ने के कारण शहर के 48 बड़े नालों को बंद कर दिया गया है। इन नालों के जरिए शहर का बारिश और गंदा पानी गोमती नदी में पहुंचता है। अधिकारियों के मुताबिक, नाले खुले रहने पर नदी का पानी इनके रास्ते वापस शहर की सड़कों और कॉलोनियों में पहुंच सकता है।
इसी वजह से पानी का दबाव बढ़ने के दौरान नालों को बंद किया गया है, ताकि नदी का पानी शहर के निचले इलाकों की ओर वापस न आए।
सोमवार से जलस्तर घटने की उम्मीद:
सिंचाई विभाग के अनुसार, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और अन्य ऊपरी जिलों से आने वाले पानी का दबाव कम होने पर सोमवार से गोमती नदी का जलस्तर घटने की उम्मीद है। फिलहाल जलस्तर स्थिर रहने की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
गोमती रिवर फ्रंट पर भी लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद है। इसे दोबारा खोलने का फैसला नदी के जलस्तर और स्थिति की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
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