गाजीपुर (Ghazipur) पुलिस ने मंगलवार को पुलिस लाइन (Police Line) में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण और नागरिकों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। पुलिस अधीक्षक डॉ. नीरज राजा (Dr. Neeraj Raja) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि साइबर अपराध अब हर व्यक्ति के जीवन में सीधे प्रभाव डाल रहा है और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
स्कूलों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी:
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, व्यापार मंडल (Trade Association) के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रस्तुतियों के माध्यम से संदेश दिया।
नुक्कड़ नाटक से संदेश:
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक था। नाटक में यह दिखाया गया कि कैसे साइबर ठग (Cyber Fraudsters) फोन कॉल या संदिग्ध लिंक के जरिए बैंक खाते का व्यक्तिगत विवरण मांगकर पैसे निकाल लेते हैं। नाटक के माध्यम से आम जनता को यह संदेश दिया गया कि किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और हमेशा सतर्क रहें।
साइबर हेल्पलाइन और सुरक्षा उपाय:
अधिकारियों ने साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत संपर्क करने के लिए उपलब्ध टोल-फ्री नंबरों और साइबर हेल्पलाइन (Cyber Helpline) की जानकारी दी। इसके अलावा ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और पुलिस की त्वरित सहायता सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
डिजिटल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम:
पुलिस अधीक्षक डॉ. नीरज राजा ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम केवल जागरूकता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लोगों को साइबर अपराध की तकनीकों को पहचानने और बचाव के उपाय अपनाने में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि साइबर सुरक्षा केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही सशक्त हो सकती है।
सामाजिक संदेश और भविष्य की योजना:
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने भविष्य में और अधिक सामुदायिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी साझा की, जिससे गाजीपुर (Ghazipur) जिला साइबर अपराध मुक्त बन सके।
समापन:
इस कार्यक्रम ने स्पष्ट रूप से दिखा दिया कि डिजिटल युग में सुरक्षा केवल तकनीकी उपायों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की जागरूकता और सतर्कता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। स्कूली बच्चों, व्यापार मंडल और समाज के अन्य वर्गों की भागीदारी से कार्यक्रम ने साइबर सुरक्षा को लेकर आम जनता में जागरूकता का सकारात्मक संदेश फैलाया।
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