रिपोर्टर: हसीन अंसारी
गाजीपुर (Ghazipur) जिले से एक प्राइवेट स्कूल में उर्दू में प्रार्थना कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्कूल की प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को उर्दू भाषा में दुआ पढ़ते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है और विभिन्न संगठनों की ओर से प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है। मामला कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के एमआरडी पब्लिक स्कूल से जुड़ा बताया जा रहा है।

कासिमाबाद तहसील का मामला:
जानकारी के अनुसार यह पूरा प्रकरण कासिमाबाद (Kasimabad) तहसील क्षेत्र का है। मरदह क्षेत्र के सेवठा सिंगेरा गांव में स्थित एमआरडी पब्लिक स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों से उर्दू में प्रार्थना करवाई गई। इस दौरान का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल:
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि विद्यालय की प्रार्थना सभा में छात्र इस्लामिक पद्धति की दुआ की मुद्रा में हाथ उठाकर प्रार्थना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 23 या 24 दिसंबर के आसपास का है। वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सीबीएसई बोर्ड से संचालित स्कूल:
बताया गया है कि एमआरडी पब्लिक स्कूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE Board) से संचालित है। ऐसे में विद्यालय की प्रार्थना सभा को लेकर उठे सवालों ने मामला और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय में सभी समुदायों के छात्र पढ़ते हैं, इसलिए प्रार्थना को लेकर संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
ब्राह्मण छात्रा से करवाई गई दुआ:
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही उर्दू दुआ एक ब्राह्मण छात्रा के माध्यम से पढ़वाई जा रही थी। स्थानीय सूत्रों और छात्रों के हवाले से यह आरोप भी लगाया गया है कि विद्यालय प्रबंधन के निर्देश पर यह प्रार्थना करवाई गई।
हनुमान चालीसा को लेकर आरोप:
स्थानीय छात्रों और सूत्रों के अनुसार पहले कुछ छात्रों ने विद्यालय में हनुमान चालीसा का पाठ कराने की मांग की थी। आरोप है कि उस समय शिक्षकों द्वारा छात्रों को कथित रूप से डांटकर चुप करा दिया गया था। इस आरोप के सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
क्षत्रिय महासभा ने की शिकायत:
घटना की जानकारी मिलते ही अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (Akhil Bharatiya Kshatriya Mahasabha) के कार्यकर्ताओं ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। संगठन की ओर से प्रशासन से शिकायत कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। जिला अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने एसडीएम कासिमाबाद (SDM Kasimabad) को शिकायती पत्र सौंपा।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश:
शिकायत मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। अपर जिलाधिकारी (ADM) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीआईओएस को सौंपी गई जांच:
प्रशासन ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को पूरे मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस की ओर से विद्यालय प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जांच पूरी होने तक विद्यालय की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
हिंदू संगठनों में रोष:
इस घटना को लेकर क्षेत्र के हिंदू संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। संगठनों का कहना है कि विद्यालयों में प्रार्थना के नाम पर किसी एक धर्म विशेष की गतिविधि कराना विवाद को जन्म दे सकता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई:
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
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