टोल प्लाजा पर वसूली के आरोप में तीन सिपाही निलंबित…
गाजीपुर में मरदह थाने में तैनात तीन सिपाहियों को कर्तव्य पालन में लापरवाही के आरोप…
गाजीपुर में मरदह थाने में तैनात तीन सिपाहियों को कर्तव्य पालन में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल मची हुई है। निलंबित पुलिसकर्मियों में सिपाही अजय सिंह (Ajay Singh), युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और दीपू कुशवाहा (Deepu Kushwaha) शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीनों की प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मरदह थाने में पहली तैनाती हुई थी।
कर्तव्य पालन में लापरवाही का आरोप:
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक तीनों सिपाहियों पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने अथवा ड्यूटी छोड़ने का आरोप है। आरोप है कि रात के समय वे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के मरदह टोल प्लाजा के पास वाहनों से अवैध वसूली कर रहे थे। हालांकि, यह आरोप कार्रवाई का आधार बताए गए हैं और मामले से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष अलग हो सकते हैं।
मरदह टोल प्लाजा के पास का मामला:
बताया गया कि यह मामला पूर्वांचल एक्सप्रेसवे स्थित मरदह टोल प्लाजा के आसपास का है। आरोप के अनुसार, ड्यूटी के दौरान निर्धारित जिम्मेदारी से हटकर रात में वाहनों से कथित तौर पर वसूली की जा रही थी। मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद इसे गंभीरता से लिया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई:
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस कप्तान गाजीपुर के निर्देश पर तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में अजय सिंह, युवराज सिंह और दीपू कुशवाहा शामिल हैं। कार्रवाई को कर्तव्य पालन में लापरवाही के आरोपों से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रशिक्षण के बाद मिली थी पहली तैनाती:
जानकारी के अनुसार, तीनों सिपाहियों ने प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मरदह थाने में पहली तैनाती प्राप्त की थी। पहली तैनाती के दौरान ही उनके खिलाफ ड्यूटी से संबंधित गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग की ओर से निलंबन की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल:
तीन पुलिसकर्मियों के एक साथ निलंबन की कार्रवाई के बाद विभाग में हलचल की स्थिति बताई जा रही है। मामले में सामने आए आरोपों के आधार पर पुलिस विभाग ने तत्काल कदम उठाया है। निलंबन की कार्रवाई के बाद संबंधित प्रकरण में विभागीय स्तर पर तथ्यों और जिम्मेदारी को लेकर आगे की प्रक्रिया की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
आरोपों की पुष्टि जांच के आधार पर होगी:
इस मामले में अवैध वसूली के आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि सक्षम न्यायिक या वैधानिक प्रक्रिया के अंतिम निर्णय के अधीन होती है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर खबर में किसी आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया गया है।
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Report: Saud Ansari
