“गाजीपुर में भगवा में दिखे मन्नू अंसारी!

गाजीपुर (Ghazipur) के यूसुफपुर में स्थित माता महाकाली मंदिर परिसर में रविवार को भव्य श्री राम कथा अमृत वर्षा महोत्सव की शुरुआत हुई। आरंभिक दिन से ही श्रद्धा और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का तांता लग गया, वहीं पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण व्याप्त हो गया। समाजसेविका मीरा राय ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाकर इस महोत्सव का शुभारंभ किया।

भक्ति में डूबा नगर:
मंदिर से निकली कलश यात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता, हनुमान, भगवान शंकर, राधा-कृष्ण और माता काली की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। यात्रा के दौरान हाथी-घोड़े, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद की गूंज से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु जगह-जगह फूलों की वर्षा कर स्वागत करते दिखे।

महिलाओं की आस्था ने सजाई कलश यात्रा:
इस यात्रा की विशेषता रही महिलाओं की विशाल भागीदारी। हजारों महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर इस धार्मिक यात्रा में हिस्सा लिया। उनके चेहरे पर भक्ति और आनंद का भाव झलक रहा था। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सज-धज कर यात्रा में शामिल हुईं, जिससे दृश्य और भी मनमोहक बन गया।

भक्ति और उल्लास का संगम:
कलश यात्रा के मार्ग पर भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों की धुन ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जगह-जगह भक्तों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए। माहौल में ऐसी आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ कि हर कोई भक्ति में डूब गया।

कथा स्थल पर उमड़ा जनसैलाब:
यात्रा के समापन के बाद कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने कथा श्रवण कर पुण्य अर्जित किया। आयोजकों ने व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा, जिससे भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

आस्था का प्रतीक बना आयोजन:
यूसुफपुर में आयोजित यह श्री राम कथा अमृत वर्षा महोत्सव न केवल धार्मिक आयोजन साबित हुआ बल्कि इसने सामाजिक एकता और संस्कृति के प्रति लोगों की गहरी निष्ठा को भी उजागर किया। हर उम्र के लोग इस आयोजन में शामिल हुए और भक्ति की इस अनोखी धारा में स्वयं को समर्पित कर दिया।


#Tags: #RamKatha #Ghazipur #MataMahakaliMandir #KalashYatra

डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading