गाजीपुर: मोहम्मदाबाद में डीसीएम और बाइक की भिड़ंत, तीन लोग गंभीर रूप से घायल

गाजीपुर (Ghazipur) जनपद के राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) पर मोहम्मदाबाद (Mohammadabad) तहसील अंतर्गत फिरोजपुर (Firozpur) गांव के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई। तेज रफ्तार डीसीएम (DCM) और बाइक के बीच आमने-सामने हुई टक्कर में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

An ambulance interior showing a woman in a red saree seated beside a man lying down with a green shirt. Another person is lying on the floor, bandaged and appearing unwell. The interior is sparsely furnished with some medical equipment visible.

तेज रफ्तार डीसीएम ने मारी सीधी टक्कर:
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोहम्मदाबाद (Mohammadabad) की दिशा से आ रही डीसीएम (DCM) ने गाजीपुर (Ghazipur) की ओर जा रही बाइक को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पर सवार तीनों लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद डीसीएम चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

घायलों की पहचान और स्थिति:
इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों की पहचान संजय कुमार (Sanjay Kumar) उम्र 35 वर्ष, बबली रावत (Babli Rawat) उम्र 15 वर्ष और सनप्यारी देवी (Sanpyari Devi) उम्र 60 वर्ष के रूप में हुई है। तीनों आदिलाबाद (Adilabad), मोहम्मदाबाद (Mohammadabad) क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद (Community Health Center Mohammadabad) पहुंचाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर:
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने तीनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल गाजीपुर (District Hospital Ghazipur) के लिए रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर चोटों के चलते बेहतर इलाज की आवश्यकता है, जिसके कारण उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया।

ट्रामा सेंटर की व्यवस्था पर उठे सवाल:
इस घटना ने मोहम्मदाबाद (Mohammadabad) के स्वास्थ्य तंत्र की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में स्थित ट्रामा सेंटर (Trauma Center), जिसे 24 घंटे आपातकालीन सेवाओं के लिए स्थापित किया गया था, व्यवहारिक रूप से पूरी तरह सक्रिय नहीं है। यहां पर्याप्त डॉक्टर और जरूरी संसाधनों की कमी बताई जा रही है, जिसके कारण गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों की चिंता और मांग:
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ट्रामा सेंटर (Trauma Center) पूरी क्षमता के साथ 24 घंटे संचालित हो, तो सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर उपचार मिल सकता है। उनका मानना है कि समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लोगों ने इस व्यवस्था को मजबूत किए जाने की मांग की है।

सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता:
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हो रही दुर्घटनाएं और इलाज में देरी की समस्या मिलकर स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही है।


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Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

रिपोर्टर: जफर इकबाल

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