रिपोर्ट: हसीन अंसारी
Ghazipur: अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने गाजीपुर में प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार को पूरी तरह विफल करार दिया।
बेरोजगारी और नौजवानों पर संकट
मौर्या ने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद से सरकारी नौकरियों में भर्तियां लगभग बंद हो गई हैं। करोड़ों युवा बेरोजगार हैं और रोज़गार के अभाव में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। बेरोजगारी के चलते रोटी तक का संकट खड़ा हो गया है और देश लगातार गरीब होता जा रहा है।
किसानों की दुर्दशा
किसानों की हालत पर बात करते हुए मौर्या ने कहा कि फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है। छुट्टा जानवर उनकी मेहनत चौपट कर रहे हैं। खाद की किल्लत और ब्लैकमेलिंग ने किसानों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसानों को खाद की जगह लाठियां दी जा रही हैं।
शिक्षा और निजीकरण पर आरोप
योगी सरकार पर निशाना साधते हुए मौर्या ने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की कोशिश में है। गुजरात मॉडल की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि यह गरीब और ग्रामीण बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
मोदी सरकार पर तीखा वार
प्रेस वार्ता के दौरान मौर्या ने प्रधानमंत्री मोदी को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जो कभी चाय बेचते थे, आज वही देश बेचने पर आमादा हैं। एयरपोर्ट, एयर इंडिया, रेलवे स्टेशन, ट्रेनें, एलआईसी और बंदरगाह जैसे महत्वपूर्ण संस्थान कौड़ियों के भाव चंद उद्योगपतियों को बेच दिए गए हैं।
हिंदू-मुस्लिम राजनीति पर प्रहार
स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि सरकार अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए हिंदू-मुस्लिम का राग अलापती रहती है। उन्होंने भाजपा नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पश्चिमी यूपी पाकिस्तान बन गया है, तो यह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के लिए चुनौती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 1100 साल तक मुस्लिम शासक रहे तब हिंदू खतरे में नहीं था, तो अब क्यों? अगर खतरा है तो यह सरकार की नाकामी है।
बेटी संघमित्रा और परिवारवाद पर बयान
मीडिया के सवाल पर मौर्या ने साफ कहा कि उनकी बेटी से उनका कोई राजनीतिक रिश्ता नहीं है। आने वाले समय में वह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं, लेकिन वह खुद परिवारवाद में विश्वास नहीं करते। उनके अनुसार, परिवार वही है जो मिशन में साथ खड़ा है।
भाजपा-सपा पर एक साथ हमला
अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौर्या ने कहा कि भाजपा और सपा दोनों एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। दोनों ही जंगलराज और गुंडाराज के पोषक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भी गरीबों की जमीनें और घर कब्जे जाते थे, लूट-मार होती थी और आज वही हालात भाजपा शासन में भी कायम हैं।
बाबू सिंह कुशवाहा पर निशाना
मौर्या ने बाबू सिंह कुशवाहा को समाज को बांटने वाला और धोखा देने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि कुशवाहा ने पार्टी सिर्फ समाज को गुमराह करने के लिए बनाई है और असल में वह सपा के दलाल हैं।
2027 में भाजपा की विदाई का दावा
गाजीपुर दौरे पर मौर्या ने कहा कि भाजपा सरकार अराजकता और जंगलराज की शिकार हो चुकी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गाजीपुर में भाजपा कार्यकर्ता की थाने में पिटाई से मौत इसी अराजकता का सबूत है। जब सत्ता पक्ष के लोग ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने ऐलान किया कि 2027 का चुनाव भाजपा सरकार की विदाई का चुनाव होगा।