गाजीपुर (Ghazipur) स्थित महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज (Maharshi Vishwamitra Medical College) में तीमारदार की कथित पिटाई के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब इस प्रकरण में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमएलसी विशाल सिंह चंचल (MLC Vishal Singh Chanchal) ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया और कॉलेज प्रशासन से जवाब तलब किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉलेज की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का भी जायजा लिया।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी हलचल:
मेडिकल कॉलेज में एक युवक की कथित पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। बताया गया कि युवक अपनी बेटी का इलाज कराने अस्पताल पहुंचा था। इसी दौरान ओपीडी में मौजूद एक कथित बाउंसर द्वारा उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगा। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी गई और कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।
एमएलसी ने घटना को बताया गलत:
मामले की जानकारी मिलने के बाद एमएलसी विशाल सिंह चंचल मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वहां की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने तीमारदार के साथ हुई कथित मारपीट को बेहद गलत बताया। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही।
व्यवस्थाओं और सुविधाओं का लिया जायजा:
निरीक्षण के दौरान एमएलसी ने मेडिकल कॉलेज में मरीजों और तीमारदारों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए कॉलेज प्रशासन को कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले लोगों को बेहतर वातावरण और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
प्रिंसिपल को दिए सुधार के निर्देश:
एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से बातचीत करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे मरीज और उनके परिजन खुद को सुरक्षित महसूस करें। साथ ही उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
पीड़ित को न्याय दिलाने का दावा:
एमएलसी ने कहा कि पीड़ित तीमारदार को पूरा न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर गलती पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
एफआईआर दर्ज कराने को बताया गलत:
निरीक्षण के दौरान एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने डॉक्टर की ओर से पीड़ित पर एफआईआर दर्ज कराने को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पहले पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि मरीज और तीमारदार अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, इसलिए उनके साथ संवेदनशील व्यवहार होना जरूरी है।
मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा पर जोर:
एमएलसी ने कॉलेज प्रशासन को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए जहां इलाज कराने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें:
वायरल वीडियो और निरीक्षण के बाद अब लोगों की निगाहें मेडिकल कॉलेज प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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रिपोर्टर: गाज़ीपुर ब्यूरो: हसीन अंसारी

