गाजीपुर (Ghazipur) जनपद के जैतपुरा (Jaitpura) गांव में शहीद महेश यादव (Shaheed Mahesh Yadav) के नाम से जुड़े शिलापट्ट और प्रवेश द्वार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रवेश द्वार से शहीद के नाम का शिलापट्ट हटाए जाने या तोड़े जाने के आरोप के बाद मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। शहीद के परिवार ने इस प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी (District Magistrate) के साथ-साथ मुख्यमंत्री (Chief Minister) और रक्षा मंत्री (Defence Minister) को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
परिवार और ग्रामीणों की मांग:
शहीद महेश यादव (Shaheed Mahesh Yadav) के परिजनों का आरोप है कि इस मामले में स्थानीय स्तर पर लापरवाही की गई है और इसके पीछे विधायक पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। परिवार ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। वहीं ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है और शहीद के सम्मान को लेकर आवाज उठ रही है।
भाजपा युवा मोर्चा का हस्तक्षेप:
इस मामले में भाजपा युवा मोर्चा (BJP Yuva Morcha) के जिला अध्यक्ष ने भी जिलाधिकारी (District Magistrate) को पत्र सौंपकर हस्तक्षेप किया है। उन्होंने मांग की है कि शहीद महेश यादव (Shaheed Mahesh Yadav) के नाम पर बने गेट, सड़क और शहीद पार्क का नाम पूरी तरह से शहीद के नाम पर ही रखा जाए। साथ ही शिलापट्ट को तोड़ने या हटाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।
गेट निर्माण और निधि पर विवाद:
भाजपा युवा मोर्चा (BJP Yuva Morcha) के जिला अध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि यदि यह कहा जा रहा है कि गेट विधायक के पिताजी द्वारा बनवाया गया था, तो वास्तविकता यह है कि यह निर्माण विधायक निधि (MLA Fund) या पूर्वांचल निधि (Purvanchal Fund) से कराया गया है। ऐसे में यह सार्वजनिक संपत्ति है, न कि किसी व्यक्तिगत स्वामित्व की। उन्होंने कहा कि शहीद किसी एक व्यक्ति या परिवार का नहीं होता, बल्कि पूरे समाज का होता है, इसलिए शहीद का सम्मान सर्वोपरि है।
जिलाधिकारी का बयान और प्रशासनिक रुख:
जिलाधिकारी (District Magistrate) ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि शहीद महेश यादव (Shaheed Mahesh Yadav) का सम्मान आवश्यक है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2006 में यह गेट पूर्वांचल निधि (Purvanchal Fund) से बनवाया गया था। वर्ष 2021 में इस स्थान पर अमर शहीद का शिलापट्ट भी लगाया गया था। प्रशासन का कहना है कि शहीद और उनके परिवार के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए क्षेत्र में एक बड़ा पार्क विकसित किया जाएगा।
विकास कार्य और नामकरण की प्रक्रिया:
जिलाधिकारी (District Magistrate) ने आगे बताया कि क्षेत्र में बनी सड़क का नाम भी शहीद महेश यादव (Shaheed Mahesh Yadav) के नाम पर किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रवेश द्वार पर शहीद का नाम उचित स्थान पर स्थापित रहे, ताकि उनका सम्मान बना रहे। प्रशासन ने यह भी कहा कि 2006 में बनी संरचना पूर्वांचल निधि (Purvanchal Fund) से ही निर्मित है और इसका रिकॉर्ड भी मौजूद है।
शहीद सम्मान को लेकर संवेदनशीलता:
पूरे मामले में प्रशासन का रुख यह है कि शहीद का सम्मान सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की असहमति या विवाद को संवेदनशीलता के साथ सुलझाया जाएगा। इस घटना के बाद जैतपुरा (Jaitpura) क्षेत्र में माहौल चर्चाओं से गर्म है और लोग शहीद के सम्मान को लेकर एकजुट नजर आ रहे हैं।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई और नामकरण प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।
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रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी

