गाजीपुर (Ghazipur) में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नदी के बीच बने टापू पर 12 चरवाहे अपनी करीब दो हजार से ढाई हजार भेड़ों के साथ फंस गए थे। रात के अंधेरे में चरवाहों और बड़ी संख्या में भेड़ों के फंसे होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के सामने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती खड़ी हो गई। नाइट विजन ड्रोन की मदद से फंसे लोगों की लोकेशन तलाश की गई और करीब छह घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सभी 12 चरवाहों तथा भेड़ों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
डूहिया सरैया के पास टापू पर फंसे चरवाहे:
पूरा मामला गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र के डूहिया सरैया गांव के पास का है। गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बीच नदी के टापू पर भेड़ चराने वाले कई चरवाहों के फंसे होने की जानकारी पुलिस को मिली। बड़ी संख्या में भेड़ों के साथ चरवाहों के फंसे होने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया।
रात का समय होने के कारण बचाव अभियान की चुनौती और बढ़ गई थी। टापू पर फंसे चरवाहों तक पहुंचने के साथ-साथ बड़ी संख्या में भेड़ों को भी सुरक्षित निकालना था। ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने उपलब्ध संसाधनों के जरिए बचाव अभियान शुरू किया।
रात के अंधेरे में लोकेशन तलाशना बनी चुनौती:
पुलिस और प्रशासनिक टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती टापू पर फंसे चरवाहों की सही लोकेशन पता करना था। अंधेरा अधिक होने के कारण सामान्य तरीके से टापू तक पहुंचना आसान नहीं था। इसी स्थिति में नाइट विजन ड्रोन कैमरे की मदद लेने का निर्णय लिया गया।
ड्रोन के जरिए अंधेरे में टापू पर फंसे चरवाहों की लोकेशन ट्रेस की गई। लोकेशन की जानकारी मिलने के बाद बचाव दल ने आगे की कार्रवाई शुरू की। इससे रेस्क्यू अभियान को सही दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिली।
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा:
पुलिस अधीक्षक गाजीपुर (Ghazipur) के नेतृत्व में एडीएम, एसडीएम सदर, क्षेत्राधिकारी नगर समेत पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ददरी घाट पहुंची। फंसे हुए चरवाहों और उनकी भेड़ों को सुरक्षित निकालने के लिए टीम ने मौके पर उपलब्ध संसाधनों के साथ अभियान शुरू किया।
नाइट विजन ड्रोन से लोकेशन ट्रेस होने के बाद फ्लड कंपनी पीएसी (PAC), पुलिस टीम, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नाविकों ने रेस्क्यू अभियान में मोर्चा संभाला। सभी टीमों ने मिलकर नदी के बीच टापू पर फंसे लोगों और भेड़ों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
छह घंटे तक चला जोखिम भरा रेस्क्यू अभियान:
गंगा का जलस्तर बढ़ने और रात के अंधेरे के बीच बचाव अभियान करीब छह घंटे तक चला। अभियान के दौरान पुलिस, प्रशासन, पीएसी और स्थानीय नाविकों की टीमों ने समन्वय के साथ काम किया।
बड़ी संख्या में भेड़ों के साथ टापू पर फंसे 12 चरवाहों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। लगातार प्रयास के बाद रेस्क्यू टीम ने सभी चरवाहों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनके साथ मौजूद दो हजार से अधिक भेड़ों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बड़ा हादसा टलने से राहत:
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच टापू पर चरवाहों और भेड़ों के फंसने की घटना से हादसे की आशंका बनी हुई थी। हालांकि, समय पर सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम सक्रिय हुई और बचाव अभियान शुरू किया गया।
नाइट विजन ड्रोन से फंसे लोगों की लोकेशन तलाशने के बाद करीब छह घंटे चले अभियान में सभी 12 चरवाहों और दो हजार से ढाई हजार के बीच बताई गई भेड़ों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस तरह गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
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रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी
