गाजीपुर में नशामुक्त भारत अभियान को मिली नई रफ्तार, युवाओं ने लिया जागरूकता का संकल्प
Ghazipur (गाजीपुर) में Government Ghazipur Homoeopathic Medical College and Hospital (राजकीय गाजीपुर होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) में प्रधानमंत्री Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) द्वारा प्रारंभ किए गए ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, समाज और परिवारों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत बनाना रहा। कार्यक्रम में शिक्षकों, अस्पताल स्टाफ और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई:
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य Professor Dr. Rajendra Singh (प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र सिंह) के निर्देशन में किया गया। इस दौरान Dr. Pranesh Singh (डॉ. प्राणेश सिंह) ने उपस्थित सभी शिक्षकों, अस्पताल कर्मियों और विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि किसी भी सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत व्यक्ति स्वयं से करता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में अनुशासन, संयम और जिम्मेदारी को अपनाकर समाज के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।
नाटक के माध्यम से दिया गया जागरूकता संदेश:
कार्यक्रम के दौरान National School of Drama (राष्ट्रीय नाट्य अकादमी) द्वारा नशा-विरोधी नाटक का मंचन किया गया। नाटक में प्रभावी ढंग से यह दिखाया गया कि नशे की लत किस प्रकार धीरे-धीरे शुरू होती है, व्यक्ति और परिवार पर उसके क्या दुष्परिणाम पड़ते हैं तथा समय रहते इससे बचाव के लिए जागरूकता और सही मार्गदर्शन कितना आवश्यक है। नाटक ने उपस्थित लोगों को नशे के सामाजिक और व्यक्तिगत प्रभावों के प्रति गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया।
युवाओं को दिया गया महत्वपूर्ण संदेश:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Professor Dr. Rajendra Singh (प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र सिंह) ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति और भविष्य हैं। यदि युवा स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित रहेंगे, तभी राष्ट्र का समग्र विकास संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
सामूहिक प्रयासों पर दिया गया जोर:
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, परिवारों और सामाजिक संगठनों की सामूहिक भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। वक्ताओं ने बताया कि नशा एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही पारिवारिक कलह, आर्थिक कठिनाइयाँ, सामाजिक विघटन और अपराध जैसी समस्याएँ भी जन्म ले सकती हैं।
इस अवसर पर युवाओं में सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने, समय-समय पर काउंसलिंग, परिवार के सहयोग और समाज की सक्रिय भागीदारी को नशामुक्ति की दिशा में प्रभावी कदम बताया गया।
नशामुक्त भारत का लिया सामूहिक संकल्प:
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने यह प्रतिज्ञा दोहराई कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि “नशामुक्त भारत” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित राष्ट्र के निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी