Video:गाजीपुर के बहुचर्चित हत्या मामले में अदालत का फैसला, महिला को दस साल की सजा

गाजीपुर (Ghazipur) जनपद न्यायालय में एक चर्चित आपराधिक मामले में फैसला सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह (Shakti Singh) की अदालत ने एक महिला को दस वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत के आदेश के बाद दोषसिद्ध महिला को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया। यह मामला वर्ष 2023 में बरेसर (Baresar) थाना क्षेत्र के मनोरथपुर (Manorathpur) गांव में हुई एक घटना से जुड़ा है।

सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह (Akhilesh Singh) के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। फैसले के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वर्ष 2023 की घटना से जुड़ा मामला:

अभियोजन पक्ष के अनुसार, सितंबर 2023 में मनोरथपुर (Manorathpur) गांव में एक युवक मनीष सिंह (Manish Singh) की मृत्यु हो गई थी। घटना के संबंध में दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस द्वारा जांच की गई और मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा।

अदालत में प्रस्तुत पक्ष के अनुसार, घटना महिला कमलेशी देवी (Kamleshi Devi) के घर से जुड़ी थी। मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके आधार पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी।

गवाहों और साक्ष्यों पर हुई सुनवाई:

मामले की सुनवाई के दौरान आधा दर्जन से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों की दलीलों को सुना। मामले में दो अज्ञात व्यक्तियों के नाम भी दर्ज कराए गए थे, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से मुक्त कर दिया।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और परिस्थितियों का विस्तृत परीक्षण किया, जिसके बाद अंतिम निर्णय सुनाया गया।

धारा 302 के बजाय धारा 304 के तहत सजा:

अदालत ने मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों का मूल्यांकन करते हुए इसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के बजाय धारा 304 के अंतर्गत माना। इसी आधार पर कमलेशी देवी (Kamleshi Devi) को दस वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

न्यायालय के आदेश के अनुसार, सजा सुनाए जाने के बाद दोषसिद्ध महिला को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

फैसले के बाद पूरी हुई लंबी न्यायिक प्रक्रिया:

करीब दो वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को मामले का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। अदालत द्वारा सुनाए गए निर्णय के बाद संबंधित पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई का अधिकार प्राप्त रहेगा।

Disclaimer:

यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

#Ghazipur #CourtVerdict #KamleshiDevi #ShaktiSingh #CrimeCase #JudicialOrder

रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading