Ghazipur (गाजीपुर) शहर के M.A.H. Inter College (एम.ए.एच. इंटर कॉलेज) स्थित Sir Syed Hall (सर सैयद हॉल) में 13 जुलाई को एक गरिमामय पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ इस्लामी विद्वान Maulana Naimuddin Gazipuri (मौलाना नईमुद्दीन गाजीपुरी) द्वारा लिखित पुस्तक ‘आओ नमाज़ सीखें (क़ुरआन व हदीस की रोशनी में)’ का विधिवत लोकार्पण किया गया। समारोह की अध्यक्षता Maulana Sadullah Qasmi (मौलाना सादुल्लाह क़ासमी) ने की। इस अवसर पर शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में उलेमा, हाफिज़, कारी, छात्र तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

क़ुरआन की तिलावत से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ:
कार्यक्रम की शुरुआत Maulana Naimuddin Gazipuri (मौलाना नईमुद्दीन गाजीपुरी) के Madrasa Ishaatul Uloom (मदरसा इशाअतुल उलूम) के एक छात्र द्वारा पवित्र क़ुरआन की तिलावत से हुई। इसके बाद Maulana Hussain Ahmad (मौलाना हुसैन अहमद) ने कार्यक्रम का संचालन किया। वहीं Qari Zubair (कारी ज़ुबैर) और Maulana Aseem (मौलाना असीम) ने नात-ए-रसूल प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावविभोर किया, जिसे श्रोताओं ने सराहा।
नमाज़ की पाबंदी पर दिया गया विशेष संदेश:
अपने अध्यक्षीय संबोधन में Maulana Sadullah Qasmi (मौलाना सादुल्लाह क़ासमी) ने नमाज़ की अहमियत, उसकी फ़ज़ीलत और नियमित रूप से नमाज़ अदा करने के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नमाज़ इस्लाम का दूसरा महत्वपूर्ण स्तंभ है और प्रत्येक बालिग़ मुसलमान पुरुष एवं महिला पर पाँच वक्त की नमाज़ फ़र्ज़ है। उन्होंने कहा कि यदि समाज में नमाज़ की पाबंदी बढ़ेगी तो सामाजिक बुराइयों में कमी आएगी और लोगों के चरित्र, व्यवहार तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने नई पीढ़ी से बचपन से ही नमाज़ की आदत विकसित करने और परिवारों में भी नमाज़ का वातावरण बनाने की अपील की।

पुस्तक की उपयोगिता पर वक्ताओं ने रखे विचार:
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने पुस्तक ‘आओ नमाज़ सीखें’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक क़ुरआन और हदीस की रोशनी में नमाज़ की अहमियत, उससे जुड़े आवश्यक विषयों और सही तरीके को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि यह पुस्तक आम लोगों, विशेषकर युवाओं और बच्चों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी तथा धार्मिक विषयों की समझ विकसित करने में सहायक बनेगी।
दुआ के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन:
समारोह के अंत में Maulana Ikramuddin (मौलाना इकरामुद्दीन) ने देश, समाज और उम्मत की खुशहाली, अमन-चैन तथा तरक्की के लिए विशेष दुआ कराई। इसके बाद पुस्तक के लेखक Maulana Naimuddin Gazipuri (मौलाना नईमुद्दीन गाजीपुरी) ने कार्यक्रम में शामिल सभी उलेमा, अतिथियों, गणमान्य नागरिकों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित:
कार्यक्रम में Maulana Anas Habib Qasmi (मौलाना अनस हबीब कासमी), Madrasa Azimiya (मदरसा अजिमिया) के शिक्षक, Mufti Abdullah Farooq Qasmi (मुफ्ती अब्दुला फारूक कासमी), Mufti Saeed (मुफ्ती सईद), Maulana Naseem (मौलाना नसीम), Abid Hussain (आबिद हुसैन), Naseem Abbasi (नसीम अब्बासी), Shamima Abbasi (शमीमा अब्बासी), Dr. Faiz Ahmad (डॉ. फैज अहमद), Jameel Akhtar (जमील अख्तर), Iqbal Ansari (इकबाल अंसारी), Mushtaq Ansari (मुस्ताक अंसारी), Hafiz Abrar (हाफीज अबरार) सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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गाज़ीपुर ब्यूरो: हसीन अंसारी