गाजीपुर: निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी बिल के विरोध में बिजली कर्मियों का जोरदार प्रदर्शन

रिपोर्टर: हसीन अंसारी


गाजीपुर में बिजली कर्मियों ने निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि निजीकरण का टेंडर जारी हुआ तो ‘जेल भरो आंदोलन’ किया जाएगा और बिल पारित करने की कोशिश पर ‘लाइटनिंग एक्शन’ का ऐलान किया जाएगा।

A group of people sitting on a blue tarp, engaged in discussion, with some in formal attire and others in casual clothing. The scene captures a community gathering with a diverse group of individuals expressing ideas and sharing opinions.

संघर्ष समिति का nationwide आह्वान:
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बताया कि यह आंदोलन पूरे देश में एक साथ किया गया है। गाजीपुर में जूनियर इंजीनियर, इंजीनियर और अन्य बिजली कर्मचारी भारी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हुए। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण की प्रक्रिया रद्द न होने पर प्रदेश के सभी बिजली कर्मचारी सामूहिक रूप से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करेंगे।

मुख्य मांगें और विरोध का कारण:
आज का यह आंदोलन मुख्य रूप से पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में किया गया। कर्मचारियों ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने की मांग रखी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में चल रही निजीकरण प्रक्रिया को निरस्त करने और बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांगें भी शामिल थीं।

प्रदर्शन का स्वरूप और प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
जनपद गाजीपुर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों की सतर्कता बढ़ा दी गई थी। कर्मचारियों ने नारेबाजी के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

कर्मचारियों की भविष्य की रणनीति:
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि अगर निजीकरण की प्रक्रिया जारी रही, तो प्रदेशभर में ‘जेल भरो आंदोलन’ के साथ-साथ बिजली सेवाओं में ‘लाइटनिंग एक्शन’ लिया जाएगा। समिति ने यह भी कहा कि यह पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। आंदोलन का मकसद बिजली कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और पावर सेक्टर में निजीकरण के खिलाफ जनसुनवाई कराना है।

निष्कर्ष:
गाजीपुर में बिजली कर्मियों का यह प्रदर्शन निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी बिल के विरोध में एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। संघर्ष समिति ने अपनी मांगों पर अडिग रहते हुए सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि कर्मचारी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।


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