भारतवंशी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ किया खेल: CIA एजेंट बनकर दिया धोखा, अरबों रुपये की डिफेंस डील की

भारतीय मूल के कारोबारी Gaurav Srivastava (गौरव श्रीवास्तव) को लेकर एक रिपोर्ट में कई गंभीर दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर खुद को CIA (सीआईए) का एजेंट बताकर Indonesia (इंडोनेशिया) के शीर्ष अधिकारियों का विश्वास हासिल किया और रक्षा सौदों में अपनी पहुंच बनाई। इन आरोपों के केंद्र में अरबों डॉलर के रक्षा समझौते, कथित शेल कंपनियां और धोखाधड़ी से जुड़े दावे हैं। हालांकि, यह मामला विभिन्न रिपोर्टों और अदालतों में लंबित दीवानी एवं अन्य कानूनी कार्यवाहियों से जुड़ा है तथा आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

OCCRP रिपोर्ट में किए गए बड़े दावे:

OCCRP (ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट) की रिपोर्ट के मुताबिक, Gaurav Srivastava (गौरव श्रीवास्तव) ने स्वयं को CIA (सीआईए) का अधिकारी बताकर कई प्रभावशाली लोगों का भरोसा जीता। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने Indonesia (इंडोनेशिया) को अमेरिका के साथ अरबों डॉलर के रक्षा समझौते कराने का भरोसा दिया। इसी आधार पर उन्होंने इंडोनेशियाई सेना के लिए 36 लड़ाकू विमान, Black Hawk (ब्लैक हॉक) हेलीकॉप्टर और सैन्य कमांड सिस्टम उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्तावों पर काम करने का दावा किया।

राष्ट्रपति से नजदीकी संबंध होने का दावा:

रिपोर्ट के अनुसार, Gaurav Srivastava (गौरव श्रीवास्तव) ने Indonesia (इंडोनेशिया) के तत्कालीन रक्षा मंत्री और वर्तमान राष्ट्रपति Prabowo Subianto (प्रबोवो सुबियांतो) के साथ निकट संबंध बनाए। दावा किया गया है कि वर्ष 2020 में वह Washington DC (वॉशिंगटन डीसी) और Jakarta (जकार्ता) में हुई कई उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल हुए, जहां रक्षा उपकरणों की खरीद से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में कथित शेल कंपनियों के माध्यम से इंडोनेशिया से 425 करोड़ रुपये का कर्ज भी स्वीकृत कराया गया।

कई दावे कर हासिल किया भरोसा:

रिपोर्ट में कहा गया है कि Gaurav Srivastava (गौरव श्रीवास्तव) ने यह दावा भी किया था कि उन्होंने वर्ष 2002 के Bali Bombings (बाली बम धमाकों) के दोषियों की पहचान में मदद की थी। इसके अलावा उन्होंने कथित रूप से यह भी कहा कि Prabowo Subianto (प्रबोवो सुबियांतो) का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन ब्लैकलिस्ट से हटवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन दावों के आधार पर उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों का विश्वास जीतने का प्रयास किया।

शेल कंपनियों के जरिए रक्षा परियोजनाओं में प्रवेश:

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 में Gaurav Srivastava (गौरव श्रीवास्तव) रक्षा उपकरणों की संभावित खरीद के लिए तीन LOI (लेटर ऑफ इंटेंट) हासिल करने में सफल रहे। इसके बाद वर्ष 2021 और 2022 में एक अन्य LOI (लेटर ऑफ इंटेंट) और एक MoU (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) भी प्राप्त किया गया। वर्ष 2020 से 2022 के बीच उनसे जुड़ी चार कंपनियों ने Indonesia Ministry of Defence (इंडोनेशिया रक्षा मंत्रालय) और एक सरकारी रक्षा कंपनी के साथ पांच प्रारंभिक रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

इन प्रस्तावित परियोजनाओं में 36 F-15 (एफ-15) लड़ाकू विमान, UH-60 Black Hawk (यूएच-60 ब्लैक हॉक) हेलीकॉप्टर, C-130 (सी-130) परिवहन विमान और सैन्य कमांड एवं कंट्रोल सेंटर की स्थापना शामिल थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2022 में अमेरिका ने इंडोनेशिया को 36 F-15 (एफ-15) लड़ाकू विमानों की संभावित बिक्री को मंजूरी दी थी, जिसकी अनुमानित कीमत 13.9 अरब डॉलर बताई गई थी। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि श्रीवास्तव से जुड़ी चारों कंपनियां कथित रूप से शेल कंपनियां थीं और उन्हें पहले रक्षा खरीद का कोई अनुभव नहीं था।

पूर्व कारोबारी साझेदार ने लगाए आरोप:

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह मामला Niels Troost (नील्स ट्रोस्ट) द्वारा California (कैलिफोर्निया) और New York (न्यूयॉर्क) की अदालतों में दायर दीवानी मुकदमों पर आधारित है। Niels Troost (नील्स ट्रोस्ट) का दावा है कि उन्होंने अपनी कंपनी में Gaurav Srivastava (गौरव श्रीवास्तव) को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दी थी। उनके अनुसार, श्रीवास्तव ने इंडोनेशिया के कई प्रभावशाली उद्योगपतियों से भी संबंध बनाए, जिनमें Hashim Djojohadikusumo (हाशिम दजोजोहादिकुसुमो) का नाम भी शामिल है।

धोखाधड़ी के मामलों में चल रही सुनवाई:

मुकदमे में शामिल रिकॉर्डेड फोन कॉल्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Gaurav Srivastava (गौरव श्रीवास्तव) स्वयं को CIA (सीआईए) से जुड़ा बताते थे। आरोप है कि इसी दावे के आधार पर उन्होंने इंडोनेशिया के वरिष्ठ अधिकारियों का विश्वास हासिल किया और शीर्ष सरकारी बैठकों तक पहुंच बनाई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कथित रूप से अर्जित धन से Los Angeles (लॉस एंजिलिस) में लगभग 200 करोड़ रुपये का एक आलीशान बंगला खरीदा गया। इसके अलावा रिपोर्ट में उल्लेख है कि उनकी शेल कंपनियों ने अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये के रक्षा सौदों में भूमिका निभाई। बाद में टैक्स जमा न करने के कारण ये कंपनियां बंद हो गईं। फिलहाल United States (अमेरिका) में Gaurav Srivastava (गौरव श्रीवास्तव) के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामलों की सुनवाई जारी है।

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Disclaimer:

यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। इसमें उल्लिखित आरोप विभिन्न रिपोर्टों और न्यायालय में प्रस्तुत दावों पर आधारित हैं। संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकरण के निर्णय पर निर्भर करेगा। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

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