हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती अंतिम चरण में है। रुझानों में गुजरात में भाजपा तो, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को बहुत मिलता दिखाई दे रहा है। इन परिणामों का असर राजस्थान में भी दिख सकता है। क्योंकि राजस्थान कांग्रेस की दो प्रमुख धुरी, अशोक गहलोत और सचिन पायलट का प्रदर्शन भी देखा जाएगा।
गहलोत को पार्टी का वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाकर गुजरात भेजा गया था। इसके साथ ही अशोक गहलोत गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रमुख रणनीतिकार रहे। पार्टी ने उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ा। वहीं अगर हिमाचल प्रदेश की बात करें, तो सचिन पायलट राज्य में ऑब्जर्वर और स्टार प्रचारक की भूमिका में थे। इसके साथ ही उनकी राज्य चुनाव के रणनीति में खासी भूमिका रही थी। सचिन पायलट हिमाचल प्रदेश के चुनावों में प्रियंका गांधी के साथ प्रमुख रणनीतिकारों में भी रहे।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को मिल रही जीत और गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के बुरे प्रदर्शन का असर अब राजस्थान में देखे जाने की संभावना है। क्योंकि अब पार्टी में पायलट की छवि को बेहतरीन सुधार मिलने की उम्मीद है, वहीं अशोक गहलोत की पार्टी में छवि को नुकसान होगा। क्योंकि जहां कांग्रेस को हिमाचल प्रदेश में जीत मिल रही है, वहीं गुजरात में पार्टी 20 के आस-पास की सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। जबकि पिछली बार भाजपा और कांग्रेस के बीच गुजरात में सीटों का अंतर 12 तक पहुंच गया था, ऐसे में इस बार प्रदेश में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी।
