रिपोर्टर: राहुल पटेल
गाजीपुर जनपद के मुहम्मदाबाद क्षेत्र में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में एक प्रतिष्ठान से 1079 किलोग्राम भुना चना जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 87,399 रुपये बताई जा रही है। अचानक हुई इस छापेमारी से स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।

15 दिसंबर को यूसुफपुर बाजार स्थित राकेश कुमार गुप्ता के प्रतिष्ठान मेसर्स–त्रिलोकी एंड संस पर खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में भुना चना पाया गया, जिसमें प्रतिबंधित सिंथेटिक रंग ‘ऑरामाइन’ के उपयोग की आशंका जताई गई। इसी आधार पर पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया गया और विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई:
यह पूरी कार्रवाई खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई। यह अभियान आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश (Lucknow) तथा जिलाधिकारी अविनाश कुमार (Ghazipur) के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
नमूना संग्रह कर भेजा गया प्रयोगशाला:
जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने भुने चने का एक नमूना विधिवत रूप से संग्रहित किया। इस नमूने को परीक्षण के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला (Gurugram, Haryana) भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भुने चने में वास्तव में प्रतिबंधित रंग या अन्य हानिकारक तत्व मौजूद हैं या नहीं।
कानून के तहत होगी आगे की कार्रवाई:
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में भुने चने में प्रतिबंधित सिंथेटिक रंग या अन्य मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम–2006 के तहत सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कानून के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर जुर्माना और अन्य दंडात्मक प्रावधान लागू किए जा सकते हैं।
खाद्य विभाग की टीम रही मौजूद:
यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार (Ghazipur) एवं सहायक आयुक्त (खाद्य)-II रमेश चंद्र पांडेय के निर्देशन में की गई। छापेमारी दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी गुलाबचंद गुप्त, पंकज कुमार कन्नौजिया, विपिन कुमार गिरि तथा खाद्य सहायक नबीउल्लाह शामिल रहे। टीम ने पूरे प्रतिष्ठान की गहन जांच कर आवश्यक दस्तावेज भी खंगाले।
जनस्वास्थ्य को लेकर विभाग सख्त:
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिलावटखोरों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। भुना चना, नमकीन और अन्य खुले खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक रंगों का उपयोग सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
व्यापारियों को दी गई चेतावनी:
कार्रवाई के बाद विभाग की ओर से व्यापारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री में निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
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