लखनऊ में सहारा समूह के कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच टकराव गहराता जा रहा है। सहारा शहर के सातों गेटों पर कर्मचारियों ने अंदर से ताले जड़ दिए हैं। वेल्डिंग कर गेटों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। बिजली और पानी की सप्लाई रोक दी गई है। गुस्साए कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए हैं।
पुलिस से कर्मचारियों की बहस:
मौके पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन कर्मचारियों के गुस्से के आगे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कर्मचारियों का कहना है कि सहारा प्रबंधन पूरी तरह से शून्य हो चुका है और जिम्मेदार लोग पीछे के दरवाजे से भाग गए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक कोई गेट नहीं खुलेगा। उनका साफ कहना है कि बकाया वेतन और अन्य समस्याओं का समाधान तत्काल किया जाए।

सहारा शहर की लग्जरी सुविधाएं:
लखनऊ का सहारा शहर अपनी भव्यता और विलासिता के लिए जाना जाता है। यहां सफेद संगमरमर के घर, मॉडर्न थिएटर जिसमें गोल्ड क्लास की रिक्लाइनिंग सीटें हैं, 5,000 लोगों की क्षमता वाला सभागार और एयरपोर्ट जैसे सिक्योरिटी स्कैनर मौजूद हैं। इसके अलावा लग्जरी गेस्ट हाउस भी परिसर का हिस्सा है।
कभी हस्तियों का जमावड़ा:
सहारा शहर में एक समय अमिताभ बच्चन और मुलायम सिंह यादव जैसी हस्तियां आती थीं। अब नगर निगम इस पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेने की तैयारी कर चुका है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी करने और जवाब खारिज होने के बाद अब कार्रवाई तय है।
सुब्रतो कोठी पर नगर निगम की नजर:
सहारा समूह की 130 एकड़ में फैली संपत्तियों को नगर निगम सील करेगा। इसमें सुब्रतो कोठी भी शामिल है, जहां सहारा का महलनुमा बंगला, स्टेडियम, ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, पेट्रोल पंप, फायर स्टेशन, स्विमिंग पूल, हेलीपैड, अस्पताल, क्लब और झील जैसी आलीशान सुविधाएं मौजूद हैं।
सीलिंग से पहले का ड्रामा:
नगर निगम की टीम बुधवार को सीलिंग करने सहारा शहर पहुंची थी। टीम जैसे ही गेटों पर ताले लगाने लगी, सहारा के प्रतिनिधि पहुंच गए और समय की मांग करने लगे। इसके बाद उन्हें तीन दिन की मोहलत दी गई। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल, ईटीएफ और पीएसी तैनात रहे।
नगर निगम की सख्त चेतावनी:
टीम ने साफ कर दिया है कि तीन दिन के भीतर परिसर को खाली करना होगा। इसके लिए पांच ताले और जंजीरें भी तैयार रखी गई थीं। हालांकि मोहलत मिलते ही सहारा शहर में वीआईपी गाड़ियों की आवाजाही अचानक बढ़ गई है। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि नगर निगम की अंतिम कार्रवाई कब और कैसे होगी।
