नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदान आंकड़ों में अंतर को लेकर राजनीतिक दलों की आशंकाओं का समाधान खोज लिया है। अब किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे।
ख़बर के अनुसार आयोग के सूत्रों ने बताया है कि एक दशक से अधिक समय से यह मुद्दा लंबित रहा है। इसलिए आयोग ने तय किया है कि भविष्य में किसी भी चुनाव में किसी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। इससे मतदान समय से पहले पूरा हो सकेगा और लंबी कतारें नहीं लगेंगी।
अभी तक एक मतदान केंद्र पर 1,500 तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। हाल ही में महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग पर मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में बड़े बदलाव का आरोप लगाया था।
सक्रिय और निर्णायक कदम उठाने शुरू
नए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कार्यभार संभालने के करीब एक महीने के अंदर दशकों से लंबित विरासत संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए सक्रिय और निर्णायक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए 31 मार्च से पहले ईआरओ, डीईओ और सीईओ के स्तर पर सर्वदलीय बैठकें करने का फैसला किया।

