आजम की जौहर यूनिवर्सिटी पर 14 घंटे चली ED रेड:10 ठिकानों पर दस्तावेज खंगाले, अखिलेश बोले- भ्रष्टाचारियों पर छापा क्यों नहीं?
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता आजम खान से जुड़ी जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University) और ट्रस्ट के 10 ठिकानों पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने छापेमारी की। रामपुर (Rampur) स्थित यूनिवर्सिटी परिसर में ईडी की टीम करीब 14 घंटे तक मौजूद रही। कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई और रात लगभग 9 बजे तक चली। इसके बाद करीब 15 अधिकारियों की टीम छह गाड़ियों से यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर निकली।
छापेमारी के दौरान जांच में क्या सामने आया, इसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी नहीं दी गई है। कार्रवाई को देखते हुए यूनिवर्सिटी के बाहर 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इस दौरान यूनिवर्सिटी में कक्षाएं भी चलती रहीं।
रामपुर के साथ सहारनपुर और दिल्ली में भी छापेमारी:
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने रामपुर के अलावा सहारनपुर (Saharanpur) और दिल्ली (Delhi) में भी कार्रवाई की। सहारनपुर में चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गुप्ता के कार्यालय और घर पर भी टीम पहुंची।
सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम यानी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, सरकारी ठेकों से मिले पैसों को कथित तौर पर जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट तक पहुंचाया गया।
आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी की संपत्तियां तैयार करने और अन्य कार्यों में किया गया। इन आरोपों से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के लिए छापेमारी किए जाने की बात सामने आई है।
आजम खान जेल में, यूनिवर्सिटी पहले से चर्चा में:
आजम खान फिलहाल रामपुर जेल में बंद हैं। जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में है। 15 जुलाई को रामपुर के जिलाधिकारी ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था।
जिलाधिकारी ने कहा था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बिना नक्शा पास कराए इन इमारतों का निर्माण कराया है। हालांकि, मुरादाबाद (Moradabad) के कमिश्नर आन्जनेय सिंह की अदालत ने जिलाधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी थी। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
ईडी की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने साधा निशाना:
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कई मामलों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई क्यों नहीं होती।
अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण, एक्सप्रेसवे, पुल, सड़क, पानी की टंकी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे गिनाए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इन मामलों में जांच एजेंसी की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
आजम खान के ठिकानों पर पहले भी पड़ चुकी है रेड:
आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े ठिकानों पर पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई हो चुकी है।
जुलाई 2019 में प्रवर्तन निदेशालय ने पहली बार जौहर यूनिवर्सिटी में छापेमारी की थी। उस दौरान सर्च ऑपरेशन चलाया गया और दस्तावेज जब्त किए गए थे। भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सरकारी ठेकों से मिले पैसों का इस्तेमाल ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के निर्माण में किया गया।
सितंबर 2023 में आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने आजम खान के आवास और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े ठिकानों पर तीन दिनों तक छापेमारी की थी। इसके बाद संदिग्ध बैंक लेनदेन से जुड़ी जानकारी मिलने पर प्रवर्तन निदेशालय ने समन जारी किए थे।
सपा नेताओं ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक:
ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि यूनिवर्सिटी बनाने वालों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई की जा रही है, जबकि उनके मुताबिक भ्रष्टाचार के कई दूसरे मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही है।
मुरादाबाद के पूर्व सपा सांसद एसटी हसन ने कहा कि आजम खान के ठिकानों पर पहले भी छापेमारी हो चुकी है, लेकिन उनके मुताबिक पिछली कार्रवाई में कुछ नहीं मिला था। उन्होंने इस बार भी कुछ नहीं मिलने की उम्मीद जताते हुए इसे राजनीतिक रेड बताया।
घोसी (Ghosi) से सपा सांसद राजीव राय (Rajeev Rai) ने कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ सरकार का दमन और अत्याचार बढ़ेगा, लेकिन जनता इसका जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने भाजपा नेताओं और अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
फिलहाल बुधवार को हुई छापेमारी में जांच एजेंसी को क्या मिला, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए कार्रवाई से जुड़े आरोपों और दावों को संबंधित पक्षों के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में आगे की स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट होगी।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Tags: #EDRaid #JauharUniversity #AzamKhan #Rampur #SamajwadiParty #AkhileshYadav #EnforcementDirectorate