लखनऊ (Lucknow) से बड़ी खबर सामने आई है। संतकबीरनगर (Sant Kabir Nagar) के मौलाना शमशुल हुदा खां (Shamsul Huda Khan) के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) जांच की तैयारी कर रहा है। इस जांच को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (Foreign Exchange Management Act – FEMA) के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। यह कार्रवाई उन आरोपों के आधार पर की जा रही है जिनमें शमशुल पर इस्लामिक गतिविधियों के प्रचार-प्रसार के लिए गैरकानूनी तरीके से विदेशों से फंडिंग जुटाने का आरोप है।
एटीएस (ATS) की जांच में मिले थे अहम सुराग:
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (Anti-Terrorism Squad – ATS) की जांच में यह खुलासा हुआ था कि शमशुल हुदा खां ब्रिटेन (Britain) में रह रहा है और वहां से भारत में धार्मिक गतिविधियों के लिए फंड भेजने का काम कर रहा है। जांच के दौरान कई वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध संपर्कों के सुराग मिले थे, जिनके आधार पर अब ED ने कार्रवाई तेज कर दी है।
संतकबीरनगर पुलिस थाने में दर्ज है मुकदमा:
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि शमशुल के खिलाफ संतकबीरनगर के खलीलाबाद थाना (Khalilabad Police Station) में मुकदमा दर्ज है। इसी मुकदमे के आधार पर ED अब FEMA के तहत केस दर्ज करने की तैयारी कर रही है। एजेंसी जल्द ही उससे जुड़ी वित्तीय जानकारियों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच करेगी ताकि विदेशी फंडिंग के स्रोतों का पता लगाया जा सके।
विदेशों से मिली फंडिंग पर शक:
जांच में सामने आया कि शमशुल हुदा खां ने विदेशों से गैरकानूनी तरीके से फंडिंग जुटाई। बताया गया कि यह रकम इस्लामिक प्रचार और धार्मिक गतिविधियों के नाम पर भारत में उपयोग की जा रही थी। आरोप है कि इस फंडिंग का कुछ हिस्सा संदिग्ध संगठनों तक भी पहुंचाया गया। ED अब इन फंडिंग स्रोतों और लेनदेन की विस्तृत जांच करेगी।
2013 में ली ब्रिटेन की नागरिकता:
एटीएस की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि शमशुल हुदा खां ने वर्ष 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता प्राप्त कर ली थी। इसके बाद वह लगातार पाकिस्तान, अफ्रीकी देशों और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की यात्रा कर इस्लामिक तकरीरों के माध्यम से धार्मिक प्रचार कर रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह जम्मू-कश्मीर के कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में भी रहा है।
मदरसा से जुड़ा रहा शिक्षण कार्य:
शमशुल हुदा खां का शैक्षणिक संबंध आजमगढ़ (Azamgarh) के मदरसा दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मुबारकपुर (Madrasa Darul Uloom Ahle Sunnat Ashrafia Mubarakpur) से रहा है। वह 12 जुलाई 1984 को इस मदरसे में सहायक अध्यापक आलिया के पद पर नियुक्त हुआ था। वर्ष 2007 से वह ब्रिटेन में स्थायी रूप से रहने लगा और वहीं से अपनी धार्मिक गतिविधियां संचालित करने लगा।
एजेंसियों की निगाह में शमशुल की गतिविधियां:
अब जब ED ने उसके खिलाफ FEMA के तहत केस दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है, तो उम्मीद की जा रही है कि उसकी विदेशी संपत्तियों, खातों और लेनदेन का भी ब्यौरा खंगाला जाएगा। एजेंसियों का कहना है कि यह जांच केवल वित्तीय पहलू तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसके संपर्कों और नेटवर्क की भी गहराई से जांच की जाएगी।
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