लखनऊ (Lucknow) स्थित योजना भवन में आज दिव्यांगता से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक दिव्यांगता पर गठित राज्य सलाहकार बोर्ड की सातवीं बैठक रही, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप (Narendra Kashyap) ने की। बैठक में दिव्यांगजनों से जुड़े विभिन्न विषयों, सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य दिव्यांगजनों के जीवन को और अधिक सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना रहा।
बैठक के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के हितों को लेकर गंभीर है और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं, जिन पर आगे कार्य किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
राज्य सलाहकार बोर्ड की सातवीं बैठक:
योजना भवन में आयोजित इस बैठक में राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य, संबंधित विभागों के अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में दिव्यांगता से संबंधित मौजूदा योजनाओं की समीक्षा की गई और यह आकलन किया गया कि इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक किस हद तक पहुंच रहा है। मंत्री ने कहा कि सलाहकार बोर्ड की भूमिका केवल सुझाव देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सुझावों को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी भी सरकार की है।
दिव्यांगजनों के लिए मुफ्त यात्रा पर चर्चा:
बैठक के दौरान दिव्यांगजनों के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि दिव्यांगजनों को राहत देने और उनकी आवाजाही को आसान बनाने के लिए सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। बैठक में मिले सुझावों के आधार पर यात्रा सुविधा से जुड़े प्रावधानों को और बेहतर बनाने पर विचार किया जाएगा। मंत्री का कहना था कि दिव्यांगजन समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।
बैठक में मिले सुझावों पर होगा काम:
मंत्री ने यह भी बताया कि बैठक में विभिन्न संगठनों और प्रतिनिधियों की ओर से कई रचनात्मक सुझाव सामने आए हैं। इन सुझावों का उद्देश्य दिव्यांगजनों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। सरकार इन सभी सुझावों का अध्ययन कर चरणबद्ध तरीके से उन पर अमल करेगी। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि दिव्यांगजनों से जुड़ी नीतियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
राजनीतिक बयान और सपा पर टिप्पणी:
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में पीडीए का प्रयोग किया गया, लेकिन वहां की जनता ने इसे नकार दिया। इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी पीडीए का फार्मूला सफल नहीं होगा। मंत्री ने दावा किया कि प्रदेश की जनता का भरोसा भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) पर बना हुआ है।
योगी सरकार के कार्यकाल पर बयान:
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार के 8.5 साल सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं और सरकार ने इस दौरान विकास और जनकल्याण के कई कार्य किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने सरकार के कामकाज को देखा है और आगे भी इसी सरकार को समर्थन मिलेगा। मंत्री के अनुसार, सरकार की नीतियों और फैसलों से आम जनता को लाभ पहुंचा है, जिसका असर चुनावों में भी दिखाई देगा।
शंकराचार्य के बयान पर प्रतिक्रिया:
शंकराचार्य से जुड़े बयानों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि शंकराचार्य का सम्मान सभी के मन में है। उन्होंने इस मुद्दे पर कोई विवादित टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि कुंभ और माघ मेले की व्यवस्थाएं किस तरह की गई हैं, यह जनता भली-भांति जानती है। प्रयागराज (Prayagraj) में माघ मेले के दौरान श्रद्धालु आराम से स्नान कर पा रहे हैं और व्यवस्थाएं किसी से छुपी नहीं हैं।
सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट:
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के साथ-साथ प्रदेश में विकास और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सलाहकार बोर्ड की बैठकों के माध्यम से सरकार जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने का प्रयास कर रही है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Divyangjan #StateAdvisoryBoard #NarendraKashyap #Lucknow #UttarPradesh