SIR में चूक हुई तो हार तय, भाजपा नेताओं को संदेश

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा के भीतर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ (Tarun Chugh) ने रविवार को पार्टी के सांसदों और विधायकों को साफ शब्दों में नसीहत के साथ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जिसे चुनावी खुजाल मिटानी है, वह SIR के काम में पूरी गंभीरता से जुट जाए। यह प्रक्रिया केवल मौजूदा चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आने वाले करीब 20 वर्षों तक रहेगा।

SIR का असर दो दशकों तक:
तरुण चुघ (Tarun Chugh) ने स्पष्ट किया कि जो नेता अभी SIR का काम पूरी जिम्मेदारी से कर लेगा, वही लंबे समय तक विधायक और सांसद बना रहेगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सही रखने का काम भविष्य की राजनीतिक जमीन तय करता है। इसलिए इसे हल्के में लेने की कोई गुंजाइश नहीं है।

चुनाव नहीं लड़ना तो पहले बताएं:
राष्ट्रीय महासचिव ने सख्त लहजे में कहा कि जिसे चुनाव नहीं लड़ना है, वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) को पहले ही सूचित कर दे, लेकिन SIR के मामले में पार्टी के साथ किसी तरह का धोखा न किया जाए। उन्होंने चेताया कि अगर अभी लापरवाही की गई तो आगे कोई मौका नहीं मिलेगा।

अभी है सही समय:
तरुण चुघ (Tarun Chugh) ने कहा कि फिलहाल नाम जुड़वाने का सबसे उपयुक्त समय है। यदि इस मौके को गंवा दिया गया, तो बाद में फॉर्म 6 के जरिए लंबी औपचारिकताओं से गुजरना पड़ेगा। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि चार दिन पूरी ताकत लगाकर SIR में अधिक से अधिक नाम जुड़वाएं।

कम अंतर से जीतने वाली सीटों पर खतरा:
उन्होंने यह भी कहा कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में 100 से 500 वोट के अंतर से जीत हुई थी, वहां यदि SIR पर फोकस नहीं किया गया तो भाजपा के विधायक चुनाव हार सकते हैं। अगर ऐसे क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम कट गए, तो जीत की संभावना कमजोर हो जाएगी। इसलिए वोट की सुरक्षा अभी से करना जरूरी है।

बैठक में सामने आई संगठन की स्थिति:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने संगठन के मंच से विधायकों के SIR कार्य की स्थिति सबके सामने रखी। जिन विधानसभा क्षेत्रों में SIR का काम कमजोर रहा, उनकी सूची साझा की गई। इसमें डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) की लखनऊ कैंट (Lucknow Cantt) विधानसभा में शिफ्टेड मतदाता अधिक पाए गए, जबकि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय (Yogendra Upadhyay) की आगरा दक्षिण (Agra South) विधानसभा में मिसिंग मतदाता ज्यादा सामने आए।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यशाला:
भाजपा की ओर से SIR के दूसरे चरण को लेकर रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (Indira Gandhi Pratishthan) में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सभी विधायक, सांसद, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारी शामिल हुए। कार्यशाला को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya), डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह (Dharampal Singh) ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री की चार अहम बातें:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक आपत्तियां दर्ज कराई जाएं। उन्होंने शिफ्टेड, लापता और मृतक मतदाताओं के आंकड़ों के आधार पर टॉप 25 विधानसभा क्षेत्रों की जानकारी दी, जिनमें लखनऊ कैंट (Lucknow Cantt), लखनऊ उत्तरी (Lucknow North), लखनऊ दक्षिणी (Lucknow South), हरदोई (Hardoi), मिल्कीपुर (Milkipur), आगरा दक्षिणी (Agra South) और लखीमपुर (Lakhimpur) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कई विधानसभाओं में अभी भी 15 से 20 प्रतिशत नाम मिसिंग हैं और 26 दिसंबर तक SIR में नाम जुड़वाए जा सकते हैं।

मतदाता सूची की गहन जांच पर जोर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि बूथ स्तर पर मतदाता सूची की जांच की जाए, यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी जीवित मतदाता को गलती से मृत या शिफ्टेड तो नहीं दिखाया गया है। ड्राफ्ट मतदाता सूची को ध्यान से देखकर यह परखा जाए कि किसी मौजूद व्यक्ति को लापता के रूप में दर्ज न कर दिया गया हो। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस काम को गंभीरता से लेने की अपील की।

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