काशी (Varanasi) के मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के आरोप के विरोध में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने लखनऊ (Lucknow) में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और बसों में बैठाकर ईको गार्डन (Eco Garden) ले जाया गया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि मणिकर्णिका घाट से जुड़ा मामला केवल निर्माण या विकास का नहीं है, बल्कि यह आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि घाट क्षेत्र में स्थित प्राचीन मंदिरों के साथ की गई कार्रवाई से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच टकराव:
लखनऊ में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी बात रखने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया। पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को हटाने और बसों में बैठाने के प्रयास का कुछ नेताओं ने विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। अंततः पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ईको गार्डन ले जाकर वहां रोके रखा।
सरकार पर लगाए आरोप:
आम आदमी पार्टी के जिला महासचिव ज्ञान सिंह कुशवाहा (Gyan Singh Kushwaha) ने कहा कि सरकार इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने मंदिरों को हटाकर सरकार परंपरा और संस्कृति पर आघात कर रही है। यह बयान पार्टी के विरोध का मुख्य आधार रहा, जिसे कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान दोहराया।
प्रदेश प्रभारी के निर्देश पर प्रदर्शन:
पार्टी नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी और सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) के निर्देश पर किया गया। जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठित होकर इस मुद्दे को उठाया। पार्टी का कहना है कि यह विषय केवल स्थानीय नहीं, बल्कि प्रदेश और देश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
जवाबदेही तय करने की मांग:
आप नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि मणिकर्णिका घाट काशी की पहचान और सनातन परंपरा का अहम प्रतीक है। यहां मौजूद प्राचीन संरचनाओं के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ से लोगों की आस्था को ठेस पहुंचती है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर:
प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने बार-बार यह दोहराया कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उन्हें सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नुकसान पहुंचाए बिना किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़ी किसी भी कार्रवाई में पारदर्शिता और संवेदनशीलता जरूरी है, ताकि समाज में किसी तरह का असंतोष न फैले।
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