दिव्यांग स्वास्थ्य में तकनीक क्रांति! जानिए कैसे बदल रही सेवाएं…

लखनऊ (Lucknow) में 22 नवम्बर 2025 को राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन कार्यालय के सभागार में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 (Rights of Persons with Disabilities Act-2016) की धारा-25 के अंतर्गत स्वास्थ्य देख-रेख और सर्टिफिकेशन विषयक संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों और संबंधित स्टाफ को दिव्यांगजन स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-अनुकूल सेवाओं की जानकारी देना था।

A conference room setting in Lucknow with a large table surrounded by attendees listening attentively to a speaker, focusing on enhancing healthcare services for persons with disabilities.

मुख्य अतिथि ने दी दिशा-निर्देश:
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भूतपूर्व आई.ए.एस. एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी (Avnish Awasthi) ने दिव्यांगजनों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ और तकनीक आधारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम समाज में अधिकार-आधारित न्याय सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और समयबद्ध हों, ताकि दिव्यांगजन अपने अधिकारों का पूर्ण लाभ उठा सकें।

विशेषज्ञों ने साझा किया तकनीकी ज्ञान:
कार्यक्रम में विषय-विशेषज्ञों ने तकनीक और स्वास्थ्य सेवा के विभिन्न पहलुओं पर व्याख्यान दिए। इसमें शामिल थे:

  • राहुल बजाज (Advocate, Supreme Court) जिन्होंने दिव्यांगता मूल्यांकन के अद्यतन मानक पर विस्तार से चर्चा की।
  • आयुष्मिता सामल और प्रवीण प्रकाश अम्बष्ठ (Up Chief Commissioner, Disabled, Government of India) ने स्वास्थ्य संबंधी प्रावधान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन दिया।
  • डॉ. पी.के. श्रीवास्तव (Balrampur Hospital) ने मानसिक विकास पहलुओं और दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक संवेदनशीलता पर जोर दिया।

इन सत्रों के माध्यम से अधिकारियों को दिव्यांगजनों की स्वास्थ्य देख-रेख, प्रमाण-पत्र निर्गमन और ई-गवर्नेंस आधारित प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी दी गई।

राज्य आयुक्त ने किए विशेष निर्देश:
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में राज्य आयुक्त प्रो. हिमांशु शेखर झा (Prof. Himanshu Shekhar Jha) ने दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यू.डी.आई.डी. कार्ड (UDID Card) के निर्गमन को सरल और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि सभी प्रक्रियाओं में तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाए ताकि लाभार्थियों को कम समय में सुविधा मिल सके।

अधिकारी और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी:
कार्यक्रम में एस. गोविन्दराज (Commissioner, Disabled, Government of India), डॉ. संदीपा श्रीवास्तव (Director, Medical Treatment), डॉ. अमित कुमार राय (Deputy Commissioner, Disabled, UP), शशांक सिंह (Assistant Commissioner/District Disabled Empowerment Officer, Lucknow) सहित बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेशभर के अपर निदेशक (चिकित्सा) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर:
कार्यक्रम में यह भी निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन आवेदन, ई-गवर्नेंस आधारित निरीक्षण और प्रमाण-पत्र निर्गमन की प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा। इससे न केवल अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि दिव्यांगजन को भी उनके अधिकारों का त्वरित लाभ मिलेगा।

समापन टिप्पणी:
इस संवेदीकरण कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में दिव्यांगजन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तकनीकी सुधारों को लागू करने का स्पष्ट संदेश दिया गया। अधिकारियों और विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास से यह सुनिश्चित होगा कि सभी प्रक्रियाएं लाभार्थी-केंद्रित हों और समय पर सेवा प्रदान की जा सके।


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Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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