दिशा पटानी केस में बड़ा खुलासा: दो बदमाश ढेर, हथियार बरामद

बरेली में अभिनेत्री दिशा पटानी के घर पर 12 सितंबर 2025 की सुबह लगभग 3.45 बजे हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। इस हाई-प्रोफाइल वारदात के तुरंत बाद थाना कोतवाली बरेली में मुकदमा दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

वारदात के समय इलाके में डर और सनसनी का माहौल था। पड़ोसियों ने पुलिस को तत्काल सूचना दी और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सक्रिय कदम उठाए। घटना के खुलासे की जिम्मेदारी राज्य पुलिस और विशेष जांच दल को सौंपी गई।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित की त्वरित कार्रवाई

इस घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए। राज्य सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, पुलिस और एसटीएफ ने तुरंत सक्रिय होकर जांच की प्रक्रिया तेज कर दी।

तकनीकी विश्लेषण और सुराग

जांच के दौरान अभिसूचना संकलन और आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज का विस्तृत विश्लेषण किया गया। इसमें सड़क मार्गों और पड़ोसी राज्यों के अपराध रिकॉर्ड से मिलान भी शामिल था। तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान की। आरोपियों में रविन्द्र पुत्र कल्लू निवासी कहनी, रोहतक और अरुण पुत्र राजेंद्र निवासी इंडियन कॉलोनी, गोहना रोड, सोनीपत शामिल हैं।

जांच से यह भी सामने आया कि रविन्द्र पहले कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है। दोनों बदमाशों की गंभीरता और उनके गिरोह के कनेक्शन ने मामले की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया।

गाजियाबाद में मुठभेड़

आज, 17 सितंबर 2025 को यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट और सीआई यूनिट दिल्ली की संयुक्त टीम ने गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में दोनों आरोपियों को घेर लिया। इस दौरान दोनों बदमाशों ने पुलिस की घेराबंदी से बचने का प्रयास किया, लेकिन मुठभेड़ में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।

मुठभेड़ के दौरान मौके से ग्लॉक और जिगाना पिस्टल के साथ बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए। यह हथियार और कारतूस वारदात की गंभीरता और अपराधियों की संगठित योजना को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

कुख्यात गिरोह से संबंध

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गैंग का सक्रिय सदस्य है। रविन्द्र कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है और उनका गिरोह बड़े स्तर पर अपराध में सक्रिय रहा है। पुलिस ने बताया कि इस गिरफ्तारी और मुठभेड़ के दौरान बरामद हथियार और कारतूस आगामी जांच में महत्वपूर्ण सुराग देंगे।

विशेष जांच दल ने बताया कि आरोपियों के नेटवर्क और उनके अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए भी जांच जारी है। इससे जुड़े कई खुलासे होने की संभावना है, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले को और व्यापक रूप देंगे।

बरेली में हुई इस सनसनीखेज फायरिंग और इसके बाद हुई मुठभेड़ से स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं है। राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और पुलिस की तत्परता ने अपराधियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस घटना के खुलासे ने न सिर्फ स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि यह भी दिखाया कि हाई-प्रोफाइल मामलों में राज्य सरकार और पुलिस तत्काल कदम उठाने में सक्षम हैं। पुलिस का कहना है कि आगे भी आरोपी गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

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