पेट से निकला 20 किलो का डरावना ट्यूमर


बलरामपुर अस्पताल के सर्जन और डॉक्टरों की टीम ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। फैजाबाद की रहने वाली महिला शैलेश कुमारी (45) के पेट से करीब 20 किलो वजनी ट्यूमर निकालकर डॉक्टरों ने उसे नई जिंदगी दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह का जटिल ऑपरेशन कर पहली बार इतना बड़ा ट्यूमर बाहर निकाला गया है। ऑपरेशन की सफलता के बाद महिला का स्वास्थ्य बेहतर हो गया है और वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही है।

बीमारी से जूझ रही थी मरीज

फैजाबाद निवासी रामधीरज की पत्नी शैलेश कुमारी लंबे समय से पेट दर्द, भूख न लगना और कमजोरी जैसी परेशानियों से जूझ रही थीं। पेट असामान्य रूप से फूला हुआ था, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही थी। परिजनों ने उन्हें फैजाबाद और लखनऊ के कई अस्पतालों में दिखाया, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। आखिरकार, 10 सितंबर को परिजन शैलेश कुमारी को बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी लेकर पहुंचे।

जांच में सामने आया बड़ा ट्यूमर

अस्पताल के सर्जन डॉ. एस.के. सक्सेना ने मरीज को देखने के बाद जांच कराई। जांच में सामने आया कि महिला के पेट में बहुत बड़ा ट्यूमर है, जिसके कारण अन्य अंग दबाव में आ गए थे। स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने तत्काल भर्ती करने का निर्णय लिया।

ऑपरेशन से पहले की तैयारी

डॉ. सक्सेना ने बताया कि महिला को खून की गंभीर कमी थी। ऑपरेशन से पहले मरीज को खून चढ़ाया गया और सभी जरूरी जांच पूरी की गईं। इसके बाद विशेषज्ञ टीम ने ऑपरेशन की योजना बनाई।

ढाई घंटे चला जटिल ऑपरेशन

मंगलवार को सर्जन डॉ. एस.के. सक्सेना के नेतृत्व में करीब ढाई घंटे लंबा ऑपरेशन किया गया। टीम में जेआर डॉक्टर श्रीनाथ, नर्सिंग ऑफिसर उर्मिला और अंजना समेत कई सदस्य शामिल रहे। ऑपरेशन के दौरान ट्यूमर को सावधानीपूर्वक कई टुकड़ों में काटकर बाहर निकाला गया। डॉक्टरों के अनुसार, इतना बड़ा ट्यूमर महिला के आंत, खाने की नली, मूत्राशय और अन्य अंगों को दबा रहा था। इसके बावजूद ऑपरेशन में सभी अंग सुरक्षित रखे गए।

ट्यूमर की संरचना और जटिलता

सर्जन ने जानकारी दी कि ट्यूमर में ठोस और द्रव्य दोनों प्रकार की संरचना मौजूद थी। इतने बड़े आकार और वजन के कारण मरीज को सांस लेने और भोजन पचाने में कठिनाई हो रही थी। लेकिन टीम के सामूहिक प्रयास से जटिल स्थिति को संभाल लिया गया।

स्वास्थ्य में सुधार

ऑपरेशन के बाद महिला को आईसीयू में निगरानी में रखा गया। डॉक्टरों के अनुसार मरीज अब पहले से बेहतर महसूस कर रही है और उसके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है।

डॉक्टरों की टीम को बधाई

बलरामपुर अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता आर्या, सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी और एमएस डॉ. देवाशीष शुक्ला ने इस बड़ी सफलता पर ऑपरेशन करने वाली टीम को बधाई दी। उन्होंने इसे चिकित्सा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

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