लखनऊ के हुसैनगंज थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर को एक 7 साल का मासूम खुले नाले में गिर गया। रामलीला ग्राउंड के पास हुई यह घटना तीन घंटे पहले हुई और तब से बच्चे की तलाश जारी है। बारिश और तेज बहाव के बीच पुलिस, NDRF और फायर विभाग की टीम रेस्क्यू में जुटी है, लेकिन पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हुए और बच्चे की तलाश में मदद कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि ऐसे खुले नाले बच्चों के लिए खतरे का बड़ा कारण हैं, खासकर मानसून में।
रेस्क्यू में हर मिनट की कीमत
मौके पर पहुंची फायर और NDRF की टीम नाले में खोजबीन में जुटी है। अधिकारी बताते हैं कि पानी के बहाव और बढ़ती गहराई के कारण रेस्क्यू कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है। टीम हर संभव प्रयास कर रही है और आसपास के लोगों से मदद भी ली जा रही है।
एक अधिकारी ने कहा, “समय बहुत महत्वपूर्ण है। हम बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए हर विकल्प पर काम कर रहे हैं।”
दो घंटे की बारिश में लखनऊ का हाल बेहाल
इस हादसे के समय लखनऊ में जोरदार बारिश हो रही थी। सिर्फ दो घंटे की बारिश में ही नगर निगम मुख्यालय तक जलभराव हो गया। शहर के कई मार्ग पानी में डूब गए और ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर 24 घंटे लगातार बारिश होती है, तो शहर के हालात और भी भयावह हो सकते हैं। जलभराव ने न केवल सड़क यातायात को मुश्किल बना दिया है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए खुले नालों में गिरने का खतरा भी बढ़ा दिया है।
स्थानीय लोगों में गहरा डर
रामलीला ग्राउंड और आसपास के इलाके के लोग इस हादसे से हिल गए हैं। उनका कहना है कि नालों का रखरखाव पर्याप्त नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बारिश और मानसून के समय नालों को सुरक्षित और ढकने का काम तेजी से किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ऐसे हादसे लगातार हो सकते हैं।
मानसून में सतर्कता जरूरी
पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए हर मुमकिन कोशिश तेज कर दी है। नगर निगम को भी चेतावनी दी गई है कि मानसून प्लान को और प्रभावी बनाना जरूरी है।
लखनऊवासियों के लिए यह घटना एक सख्त चेतावनी है: मानसून में सतर्क रहना और खुले नालों के आसपास बच्चों को नहीं छोड़ना अब केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का कर्तव्य बन गया है।