गाजीपुर: डाड़ीकला टोल प्लाजा पर घंटों जाम, एंबुलेंस तक फंसी; टोल कर्मचारियों पर यात्रियों से बदसलूकी का आरोप
गाजीपुर। बिरनो थाना क्षेत्र में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन स्थित डाड़ीकला टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह अचानक वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुबह करीब 7:40 बजे से 9 बजे तक टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति बनी रही। बताया जा रहा है कि टोल की मशीन में खराबी आने के बाद वाहनों की रफ्तार थम गई और देखते ही देखते जाम काफी दूर तक पहुंच गया। इस दौरान स्कूली वाहन, यात्री वाहन और एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई।

मशीन खराब होने से बिगड़ी व्यवस्था:
टोल प्लाजा की मशीन खराब होने के कारण वाहनों को आगे निकलने में परेशानी हुई। सुबह के समय वाहनों का दबाव अधिक होने से स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। एक के पीछे एक वाहन खड़े होते गए और टोल प्लाजा पर लंबी कतार बन गई। जाम में फंसे लोगों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
यात्रियों का आरोप है कि उन्होंने टोल कर्मचारियों से मशीन खराब होने की जानकारी देते हुए रास्ता खोलने का आग्रह किया, लेकिन उन्हें कथित तौर पर राहत नहीं दी गई। यात्रियों के मुताबिक, कर्मचारियों की ओर से कहा गया कि जब तक मशीन ठीक नहीं होती, तब तक सभी वाहनों को वहीं खड़ा रहना होगा।
एंबुलेंस फंसने से बढ़ी परेशानी:
जाम के बीच एक एंबुलेंस भी फंस गई। एंबुलेंस चालक के अनुसार, उसमें मरीज की हालत गंभीर थी और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी था। चालक ने टोल कर्मचारियों से मरीज की स्थिति बताते हुए रास्ता देने की गुहार लगाई।
आरोप है कि इसके बावजूद एंबुलेंस को तत्काल रास्ता देने के बजाय कथित तौर पर डराने-धमकाने और मारपीट की धमकी देने जैसा रवैया अपनाया गया। हालांकि, टोल कर्मचारियों पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और टोल प्रबंधन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
यात्रियों ने कर्मचारियों के व्यवहार पर उठाए सवाल:
जाम में फंसे यात्रियों ने टोल कर्मचारियों के कथित व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मशीन खराब होने के कारण उत्पन्न हुई समस्या में यात्रियों को राहत देने के बजाय उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
यात्रियों का यह भी आरोप है कि डाड़ीकला टोल प्लाजा पर पहले भी यात्रियों और टोल कर्मचारियों के बीच विवाद तथा मारपीट की घटनाएं सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि यदि टोल व्यवस्था में तकनीकी समस्या आती है तो उसे जल्द दूर करने के साथ ही वाहनों की आवाजाही सुचारु कराने की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
आपातकालीन वाहन फंसने पर उठे सवाल:
स्कूली वाहनों और यात्री वाहनों के साथ एंबुलेंस के जाम में फंसने से मामला और गंभीर हो गया। यात्रियों का कहना है कि सामान्य वाहनों के जाम में फंसने से जहां लोगों को परेशानी होती है, वहीं आपातकालीन वाहन के रुकने से मरीज की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है।
यात्रियों ने सवाल उठाया कि यदि किसी गंभीर मरीज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सके और इस दौरान उसकी हालत बिगड़ जाए, तो ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी। इसी को लेकर यात्रियों ने टोल व्यवस्था में सुधार और आपातकालीन वाहनों के लिए सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग:
घटना के बाद यात्रियों ने गाजीपुर जिलाधिकारी से डाड़ीकला टोल प्लाजा की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। यात्रियों ने टोल मशीन की खराबी से लेकर जाम और टोल कर्मचारियों के कथित व्यवहार तक पूरे मामले की जांच कराने की मांग उठाई है।
यात्रियों का कहना है कि यदि जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और टोल व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
टोल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी:
फिलहाल इस पूरे मामले में टोल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई पक्ष सामने नहीं आया है। यात्रियों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है। संबंधित पक्ष का बयान सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी