अकराबाद (Akrabad) क्षेत्र के मानई गांव (Manai Village) में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां भंडारे के बाद बची पूड़ियां खाने से पांच गायों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गायों की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है। पशुपालन से जुड़े परिवारों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, मानई गांव (Manai Village) स्थित बाबाजी मंदिर (Babaji Temple) में पिछले सप्ताह से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन चल रहा था। कथा के समापन के अवसर पर दो दिन पूर्व भंडारे का आयोजन किया गया था। भंडारे के बाद बड़ी मात्रा में पूड़ियां बच गई थीं। बताया गया कि लगभग एक ट्रॉली पूड़ियां गांव के समीप स्थित तालाब के किनारे डाल दी गई थीं।
चरते-चरते पूड़ियों तक पहुंचीं गायें:
गांव निवासी अवधेश यादव ने बताया कि गांव के ही सुनील उर्फ राजू की आठ गायें चरते हुए उस स्थान तक पहुंच गईं, जहां भंडारे की बची हुई पूड़ियां फेंकी गई थीं। गायों ने पूड़ियां खाईं और इसके बाद नजदीक स्थित तालाब का पानी भी पी लिया। शुरुआत में किसी को किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई, लेकिन कुछ ही समय बाद गायों की तबीयत बिगड़ने लगी।
रात में बिगड़ी हालत, पांच गायों ने तोड़ा दम:
बताया गया कि शनिवार रात गायों के पेट अचानक फूलने लगे और उनकी स्थिति गंभीर हो गई। पशुओं की हालत बिगड़ते देख सुनील उर्फ राजू तत्काल पशु चिकित्सकों की सहायता लेने पहुंचे। हालांकि, चिकित्सकों के पहुंचने से पहले ही पांच गायों की मौत हो चुकी थी। इस घटना से पशुपालक परिवार को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
पशु चिकित्सक ने बताई प्रारंभिक वजह:
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रतिभा यादव ने बताया कि भंडारे की बची पूड़ियां खाने और उसके बाद पानी पीने के कारण पांच गायों की मृत्यु हुई है। तीन अन्य गायों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया गायों के पेट में गैस बनने और अफरा की समस्या को मौत का कारण माना जा रहा है।
मृत गायों का किया गया परीक्षण:
घटना के बाद मृत गायों का परीक्षण कराया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेसीबी मशीन की सहायता से सभी मृत गायों को दफना दिया गया। वहीं, गांव के लोग बीमार गायों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
गांव में चिंता का माहौल:
इस घटना के बाद ग्रामीणों के बीच पशुओं के चारे और भोजन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। गांव के लोगों का कहना है कि पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भविष्य में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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रिपोर्टर: जेड ए खान

