ग़ाज़ीपुर। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर अगर इस खबर को पढ़ेंगे तो हैरान रह जाएंगे लेकिन सवाल यह है कि वह तो खुद ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं तो क्या इस तरह की खबरों को वह जानते नहीं होंगे? अपने भाषणों में शुद्ध देसी अंदाज से बातों को रखने वाले ओमप्रकाश राजभर ग्रामीण क्षेत्र के हर उस सच्चाई को भी सामने रख देते हैं जो वास्तविकता में जमीनी सत्य होता है तो क्या ओमप्रकाश राजभर जब इस मामले को जानेंगे तो इस पर कुछ कार्रवाई करवाएंगे या नहीं? क्योंकि उन्हें के विभाग से मिले पैसों से भ्रष्टाचार हो रहा है।
दरअसल, ग्रामीण इलाकों में पेयजल की व्यवस्था बेहतर करने के लिए हैंड पंप लगाने या फिर उसके री बोरिंग करने के लिए पंचायती राज विभाग के द्वारा लाखों रुपया का बजट दिया जाता है लेकिन उन बजट का ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारी किस तरह से बंदर बाट करते हैं इसकी बानगी देखने को मिल रही है। यह पूरा मामला जनपद गाजीपुर के बाराचवर ब्लॉक के सागा पाली मुरार सिंह गांव का है। जहां पर री बोरिंग के नाम पर करीब 7 लाख रुपए का बजट उतार लिया गया है तो वहीं दूसरी ओर मनरेगा के तहत एक व्यक्ति के खेत से निकाले गए मिट्टी के बाद बचे खेत को पोखरी दिखलाकर भी करीब पौने दो लाख रुपए का बजट उतार लिया गया है।
बताया जा रहा है कि इस खेल का खुलासा जब इसकी शिकायत कृष्ण कुमार सिंह नामक व्यक्ति द्वारा लिखित रूप से जिलाधिकारी से किया गया। आरोप है कि इस शिकायत के बाद जब पिछले दिनों जांच टीम पहुंची तब ग्राम प्रधान के लोगों के द्वारा जमकर बवाल करने का प्रयास किया गया ताकि जांच न होने पाए। अब आप इस वीडियो में सुन लीजिए, कृष्ण कुमार सिंह पूरा मामला बता रहे हैं:
बताया जा रहा है कि जांच टीम में परियोजना निदेशक राजेश यादव के साथ ही टेक्निकल टीम और बाराचवर ब्लॉक की वीडीओ भी शामिल रही और जांच के दौरान ही परियोजना निदेशक के द्वारा उस खेत की भी नपाई कराई गई जिसे पोखरा दिखलाकर करीब पौने दो लाख रुपए का पेमेंट उतार लिया गया है। अभी यह जांच प्रक्रिया चली ही रही थी कि किसी बात से नाराज होकर ग्राम प्रधान पक्ष के कुछ लोग हंगामा करने लगे और मारपीट पर उतारू हो गए। यहां तक की अधिकारी के गाड़ी पर पत्थर भी चलाया गया। आरोप है कि ये सब ग्राम प्रधान के इशारे पर हुआ। इसके बाद अधिकारी वहां से चले आए। इस वीडियो में आप हंगामा होते देख सकते हैं:
खबर के अनुसार परियोजना निदेशक ने बताया कि अभी इसमें आगे की जांच प्रक्रिया जारी रहेगी क्योंकि शिकायतकर्ता के द्वारा हैंडपंप रिबोर की भी शिकायत की गई है जिसको लेकर ग्रामीणों से बातचीत कर इसकी जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

