शीतलहर को लेकर सीएम योगी का बड़ा आदेश, एक जनवरी तक बंद रहेंगे 12वीं तक के सभी स्कूल

प्रदेश में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने प्रशासनिक अमले को सतर्क और सक्रिय रहने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा मौसम की परिस्थितियों में आम जनता, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य और राहत व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के लिए कहा गया है, ताकि ठंड के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि न हो और लोगों को समय पर सहायता मिल सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शीतलहर के दौरान प्रशासन की मौजूदगी केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लें। ठंड से बचाव के लिए पहले से किए गए प्रबंधों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार उन्हें और मजबूत किया जाए।

एक जनवरी तक स्कूल बंद रखने के निर्देश:
भीषण शीतलहर को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को एक जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश राज्य के सभी बोर्डों पर लागू होगा। इसमें आईसीएसई (ICSE), सीबीएसई (CBSE) और यूपी बोर्ड (UP Board) से संचालित सभी स्कूल शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता और अत्यधिक ठंड में स्कूल आना-जाना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता है।

अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमणशील रहने के आदेश:
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे शीतलहर के दौरान लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहें। मौके पर जाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी निर्देशों का सही ढंग से पालन हो रहा है या नहीं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

कंबल और अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर:
सभी जनपदों में कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ठंड से बचाव के लिए यह व्यवस्था बेहद जरूरी है, खासकर उन इलाकों में जहां गरीब, मजदूर और बेसहारा लोग रहते हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जरूरतमंदों तक समय पर कंबल पहुंचे और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था लगातार चालू रहे।

खुले में सोने पर रोक, रैन बसेरों पर विशेष ध्यान:
मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए। इसके लिए सभी जिलों में रैन बसेरों की व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए। रैन बसेरों में ठहरने वालों के लिए साफ-सफाई, गर्म पानी, कंबल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यदि कहीं रैन बसेरों की संख्या कम है तो अस्थायी व्यवस्था कर लोगों को वहां पहुंचाया जाए।

रैन बसेरों में आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी:
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रैन बसेरों में की गई व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी जरूरी है। केवल व्यवस्था कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि लोग वास्तव में इन सुविधाओं का लाभ ले पा रहे हैं या नहीं। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनता की सुरक्षा सर्वोपरि:
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि शीतलहर के दौरान किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन का दायित्व है कि वह आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करे और ठंड से होने वाली समस्याओं को समय रहते रोके। उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग जिम्मेदारी से काम करें तो शीतलहर के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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