रिपोर्ट: हसीन अंसारी
Ghazipur: पहलगाम में हालिया घटनाक्रम को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। ग़ाज़ीपुर के सांसद अफ़ज़ल अंसारी ने इस मामले में केंद्र सरकार की कूटनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष समेत पूरा देश उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा था, लेकिन सरकार ने इस एकजुटता को मज़बूती में बदलने का मौका गंवा दिया।
अफ़ज़ल अंसारी ने कहा, “शुरुआत अच्छी थी, लेकिन अंत शर्मनाक रहा। ट्रम्प ने अमेरिका में बैठकर सीज़फायर का ऐलान किया और भारत-पाकिस्तान ने इसे मान लिया।” उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल भारत की विदेश नीति पर सवाल खड़े करती है, बल्कि इससे देश की कूटनीतिक मज़बूती पर भी गहरी चोट पहुंची है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की शक्ति और जनमत को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया। अंसारी ने कहा, “जब पूरा देश सरकार के साथ था, तब यह मौका था कि भारत अपने पक्ष को मज़बूती से दुनिया के सामने रखता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्टा, एक बाहरी शक्ति के बयान से युद्धविराम की घोषणा होना भारत की संप्रभुता और साख, दोनों को चोट पहुंचाता है।”
सांसद ने इसे देश की कूटनीतिक कमजोरी करार दिया और कहा कि इस घटना ने देश की विदेश नीति की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों को लेकर सरकार को मज़बूत और स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए, ताकि देश की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी नीतियों पर किसी बाहरी ताक़त का असर न हो।