रिपोर्टर: अनुज कुमार
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के आवास के नजदीक ड्रोन उड़ने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। जानकारी के अनुसार यह मामला दूरदर्शन उत्तर प्रदेश (Doordarshan Uttar Pradesh) लखनऊ केंद्र में प्रसारित होने वाले कार्यक्रम “चलते-चलते” की शूटिंग के दौरान सामने आया। शूटिंग टीम में शामिल प्रतीक राय, जो दूरदर्शन यूपी में अनुबंध पर पैकेजिंग असिस्टेंट हैं, लेकिन कथित रूप से संवाददाता और एंकर की भूमिका निभा रहे थे, उन्होंने मंत्री अरुण सक्सेना (Arun Saxena) के आवास के समीप ड्रोन उड़ाया। यह क्षेत्र मुख्यमंत्री आवास से सटा होने के कारण अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।

ड्रोन उड़ाने को लेकर बढ़ी सुरक्षा चिंता:
सूत्रों के अनुसार ड्रोन उस क्षेत्र में उड़ाया गया जिसे सुरक्षा एजेंसियों द्वारा रेड जोन और अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का ड्रोन संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है और विशेष अनुमति के बिना ऐसा किया जाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। बताया गया कि ड्रोन उड़ाने वाला व्यक्ति प्रसार भारती का कर्मचारी नहीं था बल्कि बाहरी व्यक्ति था, जिसे ड्रोन संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस कार्रवाई के दौरान विवाद:
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन आरोप है कि प्रतीक राय ने अधिकारियों से बहस की और कार्यवाही में बाधा डाली। इस व्यवहार के कारण पुलिस ने मामले को और गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी इसे अत्यंत संजीदा मामला मानकर त्वरित रिपोर्ट तैयार करनी शुरू की है।
जांच में शामिल कानूनी धाराएँ:
इस मामले में कई कानूनी धाराएँ शामिल हो सकती हैं, जिनके तहत कार्रवाई की जा रही है। इनमें Aircraft Act और Drone Rules शामिल हैं, जिनके तहत बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर ₹1 लाख तक जुर्माना और गंभीर मामलों में कारावास तक का प्रावधान है। इसके अलावा BNS की धाराएँ जैसे 188 (सरकारी आदेश का उल्लंघन), 336/337 (लापरवाही से जान या चोट का खतरा), 353 (सरकारी कार्य में बाधा) और 186 (कार्य में रुकावट) भी लागू हो सकती हैं।
दूरदर्शन और प्रसार भारती स्तर पर जांच:
मामले के संज्ञान में आने के बाद दूरदर्शन (Doordarshan) और प्रसार भारती (Prasar Bharati) के स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसमें संबंधित कर्मचारियों को नोटिस देने, अनुबंध समाप्त करने, निलंबन, आंतरिक जांच और वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने जैसी प्रक्रियाएँ शामिल हो सकती हैं। टीम से जुड़े अन्य सदस्यों से भी इस घटना के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना को लेकर सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता:
सीएम आवास के बेहद नजदीक ड्रोन उड़ने की घटना को सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीर खतरे के रूप में लिया है। इस तरह की घटनाएँ सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती हैं, इसलिए जांच एजेंसियाँ हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। यह देखा जा रहा है कि ड्रोन उड़ाने का उद्देश्य क्या था और टीम के कौन-कौन लोग घटनास्थल पर मौजूद थे।
समाज में चर्चा का विषय बना मामला:
लखनऊ जैसे संवेदनशील शहर में इस प्रकार की घटना के सामने आने के बाद लोगों में भी तरह-तरह की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की गलती या लापरवाही बड़े जोखिम का कारण बन सकती है, इसलिए आवश्यक है कि सभी मीडिया और प्रोडक्शन टीम सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।
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