अमेठी: रेलवे स्टेशन गौरीगंज पर चाइल्ड हेल्पलाइन ने चलाया जागरूकता अभियान।

अमेठी (Amethi) के Gauriganj Railway Station (गौरीगंज रेलवे स्टेशन) पर बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से Child Helpline (चाइल्ड हेल्पलाइन) द्वारा विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रोबेशन अधिकारी Virendra Kumar Verma (वीरेंद्र कुमार वर्मा) के निर्देशन में किया गया। इस दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह था कि किसी भी जरूरतमंद, बेसहारा या संकटग्रस्त बच्चे तक समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके।

बच्चों की सुरक्षा के लिए 1098 पर सूचना देने की अपील:
कार्यक्रम के दौरान Child Helpline (चाइल्ड हेल्पलाइन) के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर Gaurav Srivastava (गौरव श्रीवास्तव) ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कहीं कोई अकेला, बेसहारा, असहाय या परेशान नाबालिग बच्चा दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 1098 पर दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि समय पर सूचना मिलने से संबंधित बच्चे को आवश्यक सहायता, संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा सकती है। उन्होंने लोगों से बच्चों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील रहने और ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की।

सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी:
अभियान के दौरान Ruchi Singh (रुचि सिंह) ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित Kanya Sumangala Yojana (कन्या सुमंगला योजना) सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लोगों को पात्रता के अनुसार इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया और कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने उपस्थित लोगों से इन योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने का भी आग्रह किया।

हेल्पलाइन नंबरों के प्रति किया गया जागरूक:
कार्यक्रम में Roshan Lal (रोशन लाल) ने विभिन्न आपातकालीन और जनसेवा से जुड़े टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1090 महिला पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 108 एम्बुलेंस सेवा, 112 आपातकालीन सेवा, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तथा 1930 साइबर हेल्पलाइन के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि इन नंबरों की जानकारी आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी है और किसी भी आपात स्थिति में इनका उपयोग कर समय पर सहायता प्राप्त की जा सकती है।

पंपलेट वितरित कर बढ़ाई गई जागरूकता:
जागरूकता अभियान के दौरान यात्रियों और आमजन के बीच जानकारी से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए। इन पंपलेटों में बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सुविधाओं के बारे में जागरूक हो सकें और जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग कर सकें।

आरपीएफ और रेलवे स्टाफ ने किया सहयोग:
कार्यक्रम में Railway Protection Force (रेलवे सुरक्षा बल) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ रेलवे स्टेशन का स्टाफ भी मौजूद रहा। सभी ने बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के अभियान में सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान यात्रियों से अपील की गई कि यदि उन्हें कोई बच्चा संकट की स्थिति में दिखाई दे तो तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना देकर उसकी सहायता सुनिश्चित करें।

जिला प्रशासन ने की सहयोग की अपील:
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की कि किसी भी जरूरतमंद, बेसहारा अथवा संकटग्रस्त बच्चे की जानकारी मिलने पर बिना देरी किए Child Helpline (चाइल्ड हेल्पलाइन) के टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ही बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

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रिपोर्टर: वीरेंद्र सिंह

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