भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर ने दावा किया है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रचे जाने की योजना बनाई गई। उन्होंने कहा कि उनके पास इस संबंध में जो सूचनाएं हैं, वे गलत नहीं हैं। चंद्रशेखर ने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित साजिश के पीछे कौन लोग हैं। मंगलवार देर रात चंद्रशेखर ने एक्स (X) पर वीडियो जारी कर इस मामले में अपनी बात रखी।
चंद्रशेखर ने कहा कि मौत एक दिन सभी को आनी है और मौत के डर से जीवन नहीं जिया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मौत किसी के हाथों लिखी होगी तो वह हो जाएगी, लेकिन यदि उनके लोगों ने उन्हें ताकत, हिम्मत और साथ दिया तो कथित तौर पर गुंडागर्दी करने वालों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का दावा:
चंद्रशेखर ने कहा कि जब तक उनका जीवन है, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यूजीसी (UGC) के मामले और आरक्षण के विरोध में चल रहे आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह आजाद समाज पार्टी की ओर से प्रदेश में कमजोर वर्गों की आवाज उठाते रहे हैं।
उन्होंने राम लखन मौर्य, विनोद साहनी, ललिता हत्याकांड और सहारनपुर की मस्जिद से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। चंद्रशेखर ने कहा कि जहां-जहां अन्याय और अत्याचार हुए, वहां जाकर उन्होंने कमजोर लोगों की आवाज उठाने का काम किया।
उनका दावा है कि जब उन्हें राजनीतिक रूप से रोकने में सफलता नहीं मिली तो दो दिन पहले एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रचने की योजना बनाई गई। चंद्रशेखर ने कहा कि वह यह बात किसी आधारहीन तरीके से नहीं कह रहे हैं, बल्कि पूरी जिम्मेदारी के साथ इस संबंध में जानकारी सामने रख रहे हैं।
हिंसा और हमले को लेकर चंद्रशेखर का दावा:
चंद्रशेखर ने कहा कि सुरक्षा में रहने के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे हिंसा कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आमना-सामना करने के साथ पत्थर चलाए जा रहे हैं और बोतलों में पेट्रोल या डीजल जैसा ज्वलनशील पदार्थ भरकर गाड़ियों में आग लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब दिन के उजाले में एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि और सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार होने का दावा किया जा रहा है, तो प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की स्थिति को लेकर सवाल उठते हैं। चंद्रशेखर ने इसी संदर्भ में कमजोर वर्गों के साथ कथित अन्याय का मुद्दा भी उठाया।
कुछ लोगों के उन्हें तलाशने का दावा:
चंद्रशेखर ने पुलिस कार्रवाई और पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह यह स्वीकार नहीं कर सकते कि उनके लोगों के साथ दुर्घटना, हत्या या दुष्कर्म जैसी घटनाओं में न्याय की स्थिति बन रही है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने यह बात स्वीकार की है कि वे उन्हें तलाश रहे थे। चंद्रशेखर के अनुसार, कथित तौर पर कुछ लोग हाथ में ज्वलनशील पदार्थ लेकर आए थे और गाड़ी में आग लगाने का प्रयास कर रहे थे।
चंद्रशेखर ने इन्हीं दावों के आधार पर कहा कि फार्म हाउस में बैठकर उनकी हत्या की साजिश रचे जाने की जो जानकारी उन्हें मिली है, वह गलत नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग दोहराई और कहा कि जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
किसी का नाम नहीं बताया:
चंद्रशेखर ने अपनी बात रखते हुए कथित हत्या की साजिश के बारे में कई दावे किए, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इस कथित योजना के पीछे कौन लोग हैं। उनके बयान में सरकार से जांच कराने की मांग प्रमुख रूप से सामने आई है। फिलहाल उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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