अलीगढ़: बम्बा टूटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न, किसान परेशान

रिपोर्टर: जेड ए खान

ब्रेकिंग अलीगढ़ (Aligarh) से सामने आए मामले में बम्बा की पटरी टूटने के कारण किसानों की खेती पर भारी संकट खड़ा हो गया है। लगातार पानी फैलने से खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों का कहना है कि समय रहते समस्या पर ध्यान दिया जाता तो नुकसान से बचा जा सकता था, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

बम्बा की टूटी पटरी से फैला पानी:
जानकारी के अनुसार अलीगढ़ (Aligarh) के टप्पल थाना क्षेत्र (Tappal Police Station Area) के गांव बजौता (Bajauta Village) में स्थित बम्बा की पटरी टूट गई। इसके बाद पानी अनियंत्रित होकर आसपास के खेतों में भर गया। देखते ही देखते करीब 200 बीघा कृषि भूमि पानी में डूब गई। खेतों में खड़ी फसलें जलभराव के कारण खराब होने लगीं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

करीब 200 बीघा फसल जलमग्न:
स्थानीय किसानों के अनुसार इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान खेती पर निर्भर हैं। बम्बा टूटने से फैले पानी ने एक साथ कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। फसलें लंबे समय तक पानी में रहने से सड़ने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द जलनिकासी और मरम्मत का कार्य नहीं किया गया तो नुकसान और बढ़ सकता है।

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई:
किसानों का आरोप है कि बम्बा टूटने की जानकारी उन्होंने समय रहते संबंधित विभाग और प्रशासन को दी थी। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद मौके पर न तो कोई अधिकारी पहुंचा और न ही मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया। किसानों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती चली गई।

प्रशासनिक लापरवाही से किसानों में आक्रोश:
लगातार अनदेखी से किसानों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और फसल बर्बाद होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई समाधान नहीं दिख रहा।

किसानों ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम:
आक्रोशित किसानों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि तय समय सीमा के भीतर बम्बा की मरम्मत, जलनिकासी और नुकसान का संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह चेतावनी अंतिम है।

अर्धनग्न धरना प्रदर्शन की चेतावनी:
किसानों ने कहा है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो वे सर्दियों के मौसम में अर्धनग्न होकर धरना प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि यह कदम मजबूरी में उठाना पड़ेगा ताकि प्रशासन का ध्यान उनकी पीड़ा की ओर जाए। किसानों का यह भी कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और कानून के दायरे में रहकर किया जाएगा।

गांव बजौता में तनावपूर्ण माहौल:
गांव बजौता (Bajauta Village) में इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। किसान लगातार खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित समाधान की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का हल नहीं निकाला गया तो इसका असर पूरे क्षेत्र की खेती पर पड़ेगा।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


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